दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन एक बार फिर भारी दबाव में है। मंगलवार को यह 2.4 फीसदी तक लुढ़क गया और 90 हजार डॉलर के नीचे आ गया। अक्टूबर की शुरुआत में यह 1 लाख 26 हजार डॉलर के ऑलटाइम हाई को छूआ था। इसके बाद से इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है। आज यह 7 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। बिटकॉइन जब 1 लाख डॉलर के नीचे आया था, तब क्रिप्टो मार्केट में हड़कंप मच गया था। अब यह 90 हजार डॉलर के भी नीचे आ गया है।
इस वजह क्रिप्टो मार्केट में दबाव
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को मोनार्क एसेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग पार्टनर शिलियांग टैंग ने बताया,’फेडरल रिजर्व के दिसंबर में ब्याज दरें घटाने की संभावना अब 50 फीसदी से नीचे चली गई है। इससे रिस्क वाले एसेट्स से पैसा निकल रहा है। 100k का लेवल टूटने के बाद क्रिप्टो मार्केट लगातार नीचे की ओर ही बढ़ रहा है।’
1 महीने में ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम साफ
पिछले महीने अक्टूबर की शुरुआत में आई एक बड़ी बिकवाली ने पूरे क्रिप्टो मार्केट से एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम साफ कर दी थी। उसके बाद से बाजार को कोई मजबूत सपोर्ट नहीं मिल पाया है। रिटेल इन्वेस्टर्स गिरावट में खरीदारी करने से बच रहे हैं। ज्यादातर ऑल्टकॉइन्स की हालत बदतर हो चुकी है।
24 घंटे 950 मिलियन डॉलर निकले
कोइंग्लास के डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों तरह के लगभग 950 मिलियन डॉलर के पोजीशन लिक्विड हो चुके हैं। लगातार लिक्विडेशन से मार्केट में और ज्यादा बिकवाली का दबाव बन रहा है। अप्रैल में भी बिटकॉइन 74,400 डॉलर तक गिरा था। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ प्लान पेश किया था। इस बार भी आर्थिक अनिश्चितता और स्टॉक मार्केट में गिरावट ने बिटकॉइन को नीचे गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
















