महिला भी शामिल है। उसका नेटवर्क दिल्ली और लखनऊ तक फैला है। पूरा संजाल एक कोरियर कंपनी की आड़ में चल रहा है। शिकायत पत्र में तीन वेबसाइट का भी जिक्र है। उसका दावा है कि, इन्हीं वेबसाइट के जरिए सेक्स रैकेट गिरोह चलाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर के कोहना थाना क्षेत्र में एक कोरियर कंपनी की आड़ में चल रहे सेक्स रैकेट का मामला सामने आया है। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए डिमांड आने पर लड़कियां दिल्ली तक भेजी जाती हैं। शहर से भोली-भाली लड़कियों को बाहर भेजा जाता है। रैकेट में दो दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं, जिनका नेटवर्क कानपुर से दिल्ली तक फैला हुआ है। एक ट्रांसपोर्टर ने आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
उन्नाव के एक गांव में रहने वाला ट्रांसपोर्टर वर्तमान में दिल्ली के पालम में रह रहा है। ट्रांसपोर्टर की तहरीर के मुताबिक सैक्स रैकेट से जुड़ा ब्रोकर सोशल मीडिया के जरिए अश्लील वीडियो व फोटो ग्राहकों को भेज उन्हें फंसाते का काम करता है। गिरोह में पुराना कानपुर की एक महिला भी शामिल है, जिसका नेटवर्क दिल्ली और लखनऊ तक फैला है। इतना ही नहीं गिरोह में दिल्ली के रिटायर एसीपी की साली भी शामिल है। पूरा संजाल एक कोरियर कंपनी की आड़ में चल रहा है। शिकायत पत्र में तीन वेबसाइट का भी जिक्र है। उसका दावा है कि, इन्हीं वेबसाइट के जरिए सेक्स रैकेट गिरोह चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर एसीपी की साली समेत 15 पर केस
शिकायतकर्ता ने रिटायर एसीपी की साली समेत दिल्ली के सात लोगों के नाम दिए हैं, जबकि पुराने कानपुर की एक महिला और चौबेपुर का एक शख्स के अलावा 5 नामजद लोगों का पता अज्ञात है। वहीं ब्रोकर का नाम नहीं खोला गया। चौबेपुर निवासी युवक व महिला की पूरा गिरोह ऑपरेटिंग करने में अहम भूमिका बताई है।
17 पन्नों में वेबसाइट और साक्ष्य किए शामिल
देह व्यापार की शिकायत करने वाले ने 17 पन्नों में वेबसाइट में जिक्र किया। साथ ही मोबाइल नंबर समेत तमाम जानकारी साक्ष्य के रूप में तैयार कर दी है। उसने अपनी जान का खतरा भी बताया।
इंस्टा के जरिए युवाओं को कर रहे टारगेट
पुलिस को चकमा देने के लिए गैंग के सदस्य कोरियर कंपनी के अलावा कपड़े की फर्जी वेबसाइट भी संचालित कर रहे हैं। दोनों कंपनी की आड़ में सेक्स रैकेट इसलिए संचलित हो रहा है, जिससे पुलिस को उनकी काली करतूत के बारे में पता न चल सके। इतना ही नहीं गिरोह से जुड़ी युवतियां इंस्टाग्राम में फर्जी आईडी का सहारा लेकर युवाओं को टारगेट कर पहले उनसे मीठी-मीठी बातें करती हैं, फिर सामने वाले शख्स की बातचीत के तौर-तरीके को गौर कर डील करने का काम शुरू करती हैं। फिलहाल मामले में पुलिस जांच पड़ताल कर और भी सुराग तलाशने में जुटी हुई है।













