• ABOUT US
  • PRIVACY POLICY
  • CONTACT US
Friday, March 13, 2026
Ek Aur Tadka
  • Login
  • Home
  • रायगढ़
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • खेल
  • जॉब
  • राशिफल
  • Home
  • रायगढ़
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • खेल
  • जॉब
  • राशिफल
No Result
View All Result
EK AUR TADKA
No Result
View All Result
Home छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित बस्तर पंडुम 2026 के लोगो एवं थीम गीत का विमोचन

VIKASH SONI by VIKASH SONI
January 2, 2026
in छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित बस्तर पंडुम 2026 के लोगो एवं थीम गीत का विमोचन
Share on FacebookShare on TelegramShare On Whatsapp

रायपुर, 2 जनवरी 2026

बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, लोकपरंपराओं और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से ‘बस्तर पंडुम’ का आयोजन वर्ष 2026 में भी गत वर्ष की भांति भव्य एवं आकर्षक रूप में किया जाएगा।

READ ALSO

पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी: छत्तीसगढ़ के 24 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 498.83 करोड़

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दंतेवाड़ा में माँ दंतेश्वरी के आशीर्वाद के साथ मंदिर प्रांगण में बस्तर पंडुम का लोगो एवं थीम गीत का विमोचन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बस्तर पंडुम बस्तर की  सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने का  सशक्त मंच है। उन्होंने कहा कि आज माँ दंतेश्वरी के इस पावन प्रांगण से बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ हो रहा है। यहाँ बस्तर पंडुम 2026 का लोगो और थीम गीत का विमोचन किया गया है। बस्तर पंडुम केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बस्तर की आत्मा है। यह हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराओं, कला और विरासत का जीवंत मंच है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारी आदिवासी परंपराओं में है। हम नृत्य, गीत, शिल्प, व्यंजन, वन-औषधि और देवगुडि़यों के माध्यम से इन परंपराओं और संस्कृति को जीते हैं। पिछले वर्ष हमने बस्तर पंडुम की शुरुआत की थी। समापन अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह भी हम सबके बीच आए थे। इस वर्ष हम राष्ट्रपति , केंद्रीय गृहमंत्री, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री तथा भारत में नियुक्त विभिन्न देशों के राजदूतों को भी आमंत्रित कर रहे हैं। पिछली बार बस्तर पंडुम को लेकर बस्तरवासियों का जो उत्साह और जोश देखने को मिला, वह अभूतपूर्व था। इस बार हम इसे और अधिक भव्य बना रहे हैं, ताकि यहाँ की धरोहर राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष बस्तर पंडुम की प्रतिस्पर्धाओं में विधाओं की संख्या सात से बढ़ाकर बारह कर दी गई है। इनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, पूजा-पद्धति के साथ ही शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन-पेय, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि को भी शामिल किया गया है। इस बार बस्तर पंडुम प्रतियोगिता का आयोजन तीन चरणों में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर की संस्कृति को सहेजते हुए नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाए। बस्तर अब केवल संस्कृति का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि शांति, समृद्धि और पर्यटन के माध्यम से विकास का भी प्रतीक बनेगा।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार बस्तर को नई ऊँचाइयों पर ले जा रही है। यह उत्सव बताता है कि बस्तर अब संघर्ष से नहीं, बल्कि सृजन और उत्सव से पहचाना जाएगा।
उन्होंने बस्तरवासियों एवं सभी कलाकार भाई-बहनों से आग्रह किया कि वे अपनी कला के माध्यम से बस्तर का गौरव बढ़ाएँ और अधिक से अधिक संख्या में बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लें।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘पंडुम’ का अर्थ पर्व होता है। बस्तर में खुशियों को बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न पर्व (पंडुम) मनाए जाते हैं। किसी भी पर्व की शुरुआत माता के आशीर्वाद से करने की परंपरा रही है। इसी तारतम्य में बस्तर पंडुम की शुरुआत माँ दंतेश्वरी के मंदिर परिसर से की जा रही है। बस्तर समृद्ध संस्कृति से परिपूर्ण है। यहाँ निवास करने वाली जनजातियों की कला, शिल्प, नृत्य, संगीत और खानपान को समाहित कर बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि  बस्तर में शांति स्थापना के प्रयास सफल हो रहे हैं। मार्च 2026 तक लाल आतंक समाप्त होकर रहेगा।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की कला, संस्कृति और परंपरा गर्व का विषय है। इस समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास बस्तर पंडुम के माध्यम से किया जा रहा है। पौराणिक काल में भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान दंडकारण्य क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। ऐसे पावन क्षेत्र में सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने की पहल सरकार ने की है।

संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध बस्तर क्षेत्र की विभिन्न विधाओं को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए सरकार लगातार दूसरे वर्ष बस्तर पंडुम का आयोजन कर रही है। इस वर्ष बारह विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर प्रांगण में ही संभाग के वरिष्ठ मांझी, चालकी, गायता, पुजारी, आदिवासी समाज के प्रमुखजनों तथा पद्म सम्मान से अलंकृत कलाकारों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम को बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप एवं दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम आटमी ने भी संबोधित किया। इस दौरान बस्तर के पारंपरिक नेतृत्वकर्ता मांझियों और समाज प्रमुखों ने भी बस्तर पंडुम के आयोजन के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन 10 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक तीन चरणों में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग में 10 से 20 जनवरी तक जनपद स्तरीय कार्यक्रम, 24 से 29 जनवरी तक जिला स्तरीय कार्यक्रम तथा 2 से 6 फरवरी तक संभाग स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  जिन विधाओं में प्रदर्शन एवं प्रतियोगिताएँ होंगी, उनमें बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा एवं आभूषण, पूजा-पद्धति, शिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य तथा वन-औषधि प्रमुख हैं।इस बार के बस्तर पंडुम में विशेष रूप से भारत में विभिन्न देशों में कार्यरत भारतीय राजदूतों को आमंत्रित किए जाने पर भी चर्चा हुई, ताकि उन्हें बस्तर की अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और जनजातीय जीवन से अवगत कराया जा सके। साथ ही बस्तर संभाग के निवासी उच्च पदस्थ अधिकारी, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा देश के विभिन्न राज्यों के जनजातीय नृत्य दलों को आमंत्रित करने का भी निर्णय लिया गया है।

प्रतिभागियों के पंजीयन की व्यवस्था इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से करने का प्रस्ताव है, जिससे अधिकाधिक कलाकारों एवं समूहों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि बस्तर अंचल की कला, शिल्प, त्योहार, खानपान, बोली-भाषा, आभूषण, पारंपरिक वाद्ययंत्र, नृत्य-गीत, नाट्य, आंचलिक साहित्य, वन-औषधि और देवगुडि़यों के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इसके तहत बस्तर संभाग के सात जिलों की 1,885 ग्राम पंचायतों, 32 जनपद पंचायतों, 8 नगरपालिकाओं, 12 नगर पंचायतों और 1 नगर निगम क्षेत्र में तीन चरणों में आयोजन होगा। इस आयोजन के लिए संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग के रूप में नामित किया गया है।

इस अवसर पर सांसद श्री महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, बस्तर आईजी श्री सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

Related Posts

पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी: छत्तीसगढ़ के 24 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 498.83 करोड़
छत्तीसगढ़

पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी: छत्तीसगढ़ के 24 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 498.83 करोड़

March 13, 2026
सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
छत्तीसगढ़

सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

March 13, 2026
भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़

भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

March 13, 2026
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से जर्जर पुल के निर्माण की शुरुआत
छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल से जर्जर पुल के निर्माण की शुरुआत

March 13, 2026
किसानों की समृद्धि के लिए सिंचाई परियोजनाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में केंद्र का अतिरिक्त सहयोग : छत्तीसगढ़ को मिली 15.70 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता

March 13, 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नारायणपुर से करेंगे महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी
छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 14 मार्च को बिलासपुर से करेंगे ‘गौधाम योजना’ का शुभारंभ

March 13, 2026
Next Post
CG Weather: छत्तीसगढ़ में बढ़ने वाली है ठंड। ठंड के साथ हल्की बारिश का भी है संकेत।

CG Weather: छत्तीसगढ़ में बढ़ने वाली है ठंड। ठंड के साथ हल्की बारिश का भी है संकेत।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
× Popup Image

POPULAR NEWS

टीम इंडिया से कब जुड़ेंगे विराट कोहली और रोहित शर्मा, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने को लेकर आया बड़ा अपडेट

टीम इंडिया से कब जुड़ेंगे विराट कोहली और रोहित शर्मा, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने को लेकर आया बड़ा अपडेट

October 8, 2025
दिल्ली के स्क्वाड की हुई घोषणा, आयुष बडोनी बने कप्तान; इस धाकड़ खिलाड़ी की अचानक हुई वापसी

दिल्ली के स्क्वाड की हुई घोषणा, आयुष बडोनी बने कप्तान; इस धाकड़ खिलाड़ी की अचानक हुई वापसी

October 10, 2025
Bihar Chunav 2025: भारतीय निर्वाचन आयोग ने किया बड़ा ऐलान, अचार सहिंता में जुड़ा नया नियम!

SIR: बिहार के बाद पहले फेज में बंगाल, असम समेत इन 5 राज्य का SIR करवाएगा चुनाव आयोग…

October 11, 2025
जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

October 8, 2025
पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं से युवाओं का भविष्य हुआ सुरक्षित : मुख्यमंत्री श्री साय

पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं से युवाओं का भविष्य हुआ सुरक्षित : मुख्यमंत्री श्री साय

October 8, 2025

EDITOR'S PICK

ED raid coal mafia: अवैध कोयला खनन मामले में ED का बड़ा एक्शन, एक साथ 40 से ज्यादा ठिकानों पर की ताबड़तोड़ छापेमारी

ED Raid in CG: ED का बड़ा एक्शन; मेडिकल कॉलेज स्कैम में छत्तीसगढ़ समेत 10 राज्यों में की ताबड़तोड़ छापेमारी…

November 27, 2025

महाराष्ट्र: एमवीए सरकार में शिवसेना के साथ हो रहा दोयम दर्जे का व्यवहार,विधायक का आरोप

March 29, 2022
Raipur ISIS Network: ATS ऑपरेशन में बड़ा खुलासा, छत्तीसगढ़ में आतंकी चला रहे थे ISIS Raipur ग्रुप! इंस्टाग्राम पर चल रही है साजिश

Raipur ISIS Network: ATS ऑपरेशन में बड़ा खुलासा, छत्तीसगढ़ में आतंकी चला रहे थे ISIS Raipur ग्रुप! इंस्टाग्राम पर चल रही है साजिश

November 21, 2025
IND A vs SA A: ध्रुव जुरेल ने ठोकी धमाकेदार सेंचुरी, बड़े नामों ने दिए छोटे दर्शन

IND A vs SA A: ध्रुव जुरेल ने ठोकी धमाकेदार सेंचुरी, बड़े नामों ने दिए छोटे दर्शन

November 6, 2025

About

ekaurtadka.com छत्तीसगढ़ की एक नई लेकिन दमदार हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है,
जहाँ हर खबर मिलती है थोड़े तड़के और पूरी सच्चाई के साथ।

यह प्लेटफ़ॉर्म पूरे प्रदेश और खास तौर पर रायगढ़ जिले की
शासकीय योजनाओं, स्थानीय घटनाओं, शिक्षा, रोजगार, समाज और संस्कृति से जुड़ी
हर जानकारी को तेज़ी और विश्वसनीयता से आप तक पहुँचाने का काम करता है।

Categories

  • Blog
  • JOB
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • रायगढ़
  • राशिफल

Recent Posts

  • भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, ईरान में होर्मुज से LPG लाद कर सुरक्षित निकला VLGC शिवालिक जहाज
  • पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त जारी: छत्तीसगढ़ के 24 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 498.83 करोड़
  • सहकारिता से आर्थिक सशक्तिकरण को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
  • भारतीय संस्कृति में धरती को मां का दर्जा, प्रकृति संरक्षण हमारी परंपरा : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

Contact us

Vikas Soni
Mobile Number
E-mail

  • About
  • Privacy Policy
  • Contact

© 2025 EK AUR TADKA

No Result
View All Result
  • Home
  • रायगढ़
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • खेल
  • जॉब
  • राशिफल

© 2025 EK AUR TADKA

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms bellow to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In