शराब घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में ईडी ने सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसीबी और ईओडब्ल्यू भी उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही थी। इसके लिए उन्होंने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विशेष न्यायालय में प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन पेश किया था। ईडी के बाद एसीबी-ईओडब्ल्यू की गिरफ्तारी से बचने के लिए सौम्या चौरसिया ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी।
अदालत की सुनवाई और फैसला
मामले में जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के बाद शासन से हाई कोर्ट ने जवाब मांगा था। शासन का जवाब आने के बाद पिछले दिनों दोनों पक्षों के तर्कों को अदालत ने सुना था। इसके बाद फैसला 13 जनवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया था। तब तक के लिए एसीबी-ईओडब्ल्यू को सौम्या के खिलाफ ‘नो कोरेसिव स्टेप’ के निर्देश दिए थे। वहीं आज अदालत ने सुरक्षित रखा अपना फैसला सुनाया जिसमें सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद अब एसीबी और ईओडब्ल्यू उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रोडक्शन वारंट ले सकेगी।
क्या है पूरा मामला
राज्य में शराब नीति बदलकर 3,200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला किया गया था। इससे शासन के खजाने को 3,200 करोड़ रुपये नुकसान होने का अनुमान है। इस मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के सचिव रहे निरंजन दास, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, आबकारी विभाग के ओएसडी रहे अरविंद सिंह को गिरफ्तार किया था। इस मामले को पहले दो हजार करोड़ रुपये का घोटाला माना जा रहा था, पर जैसे-जैसे ईडी की जांच आगे बढ़ी, घोटाले का आंकड़ा बढ़ता गया।
















