अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद का समाधान बंदूकों से निकालने की सोच भारतीय संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “मैं किसी के भी साथ प्रमाणों के साथ डिबेट कर सकता हूं कि यह समस्या सिर्फ विकास या कानून-व्यवस्था की नहीं है। अगर यह केवल विकास की कमी होती, तो इसे ‘माओवादी’ नाम क्यों दिया गया? यह एक ऐसी विचारधारा है, जिसने गरीब आदिवासी युवाओं और बच्चों के हाथों में हथियार थमा दिए और उनके भविष्य को बर्बाद किया।”
डॉ. रमन सिंह की तारीफ
गृहमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपने 15 वर्षों के शासनकाल में छत्तीसगढ़ को ‘बीमारू’ राज्य की श्रेणी से बाहर निकाला। शाह ने कहा, “डॉ. रमन सिंह ने विकास के हर आयाम में राज्य को आगे बढ़ाया और माओवादी विचारधारा के खिलाफ डटकर संघर्ष किया।
सकल राज्य मूल्य वर्धन में वृद्धि
राज्य की आर्थिक प्रगति का ब्यौरा देते हुए अमित शाह ने कहा कि साल 2000 की तुलना में 2025 तक छत्तीसगढ़ के वार्षिक बजट में 30 गुना की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि देश का शायद ही कोई ऐसा राज्य होगा, जहां इस स्तर की वृद्धि दर्ज की गई हो। इसके अलावा, राज्य के सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVP) में भी 25 गुना वृद्धि हुई है।
















