भारतीय वायुसेना की ताकत में इजाफा होने जा रहा है। और इसके लिए मोदी सरकार ने फ्रांस से नए राफेल जेट्स की खरीद को मंजूरी दे दी है। पूरी दुनिया ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फाइटर जेट राफेल का दम देखा था कि कैसे भारत ने पाकिस्तान पर एयर डॉमिनेंस बनाए रखा था।
3.25 लाख करोड़ रुपये की डील
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने प्रमुख उच्च-मूल्य रक्षा खरीद के लिए Acceptance of Necessity दे दी है। समझौते के लिए लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये की डील को मंजूरी मिली है। इसमें 2.5 लाख करोड़ रुपये, 114 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए और शेष राशि हथियारों, पुर्जों और सहायक पैकेजों के लिए है।
कितना खतरनाक है राफेल जेट?
भारत ने फ्रांस से 36 राफेल विमानों को खरीदा था, जिसकी डिलीवरी दिसंबर, 2024 में पूरी हो गई थी। ये लड़ाकू विमान IAF के 2 स्क्वाड्रनों- अंबाला में ‘गोल्डन एरोज’ और हाशिमारा में ‘फाल्कन्स’ में हैं। राफेल में घातक हथियार प्रणाली होती है। यह Meteor मिसाइल से लैस है जो हवा से हवा में मार करने वाली विश्व की सबसे उन्नत मिसाइलों में से एक है। इसकी रेंज 100 किलोमीटर से ज्यादा है।
राफेल की SCALP और हैमर से कांपते हैं दुश्मन
राफेल में SCALP मिसाइल भी है, जो हवा से जमीन पर मार करने वाली एक तरह की क्रूज मिसाइल है, जो 300-500 किलोमीटर दूर मौजूद शत्रु के बंकरों और ठिकानों को निशाना बना सकती है। हैमर मिसाइल से भी राफेल लैस है। यह एक कम दूरी की मिसाइल है जो मजबूत ढांचों को बर्बाद करने के लिए खास रूप से डिजाइन की गई है।
इससे पहले भारत ने अप्रैल, 2025 में 26 राफेल-मरीन जेट के लिए भी फ्रांस से सौदा किया था। ये डील 63 हजार करोड़ रुपये की थी। ये राफेल जेट विमानवाहक पोतों से उड़ने की क्षमता रखते हैं और इन्हें नेवी मिशन के लिए तैयार किया गया है।












