छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी एक्शन लिया है। प्रशासन ने खरीदी केंद्र प्रभारी को बर्खास्त कर दिया है। आरोप है कि धान में रेत, कंकड़ और धूल-मिट्टी मिलाकर हेराफेरी की गई और इससे व्यक्तिगत लाभ कमाने की कोशिश की गई।
जांच में 137 क्विंटल धान अधिक मिला
जानकारी के मुताबिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति निपनिया के धान उपार्जन केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें धान के बोरों में रेत मिलाने की बात सामने आई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के लिए ज्वॉइंट टीम बनाई गई थी।
जांच दल ने 8 मार्च को अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में धान उपार्जन केंद्र निपनिया के भौतिक सत्यापन के दौरान 137.20 क्विंटल धान अधिक पाया गया।
5300 कट्टों में मिलवाई रेत
जांच में यह भी सामने आया कि धान खरीदी प्रभारी लीलाराम सेन ने हमालों के माध्यम से करीब 5300 कट्टों में रेत मिलवाई थी। हर कट्टे में 2 से 3 किलोग्राम रेत मिलवाई गई।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक मिलाई गई रेत के बराबर करीब 132 क्विंटल धान की हेराफेरी सामने आई है। ऐसा केंद्र प्रभारी ने व्यक्तिगत लाभ के लिए किया था।
मामले की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने आरोपी खरीदी केंद्र प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और उसे बर्खास्त कर दिया है।
















