छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अनिल टूटेजा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। नए मामले में एफआइआर पर रोक की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आईएएस को हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ में 2,000 करोड़ के शराब घोटाले में जांच का सामना कर रहे पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ भविष्य में किसी भी नए मामले में एफआईआर दर्ज करने पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
पूर्व आईएएस टूटेजा की याचिका पर सीजेआइ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जायमाल्या बागची की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई।
इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी भी जांच एजेंसी को जांच के लिए पहले से रोक लगाने का आदेश नहीं दे सकते।
डिवीजन बेंच ने कहा यदि किसी व्यक्ति की भूमिका किसी मामले में सामने आती है तो संबंधित जांच एजेंसियों को जांच और कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने ये कहा
- याचिकाकर्ता पूर्व आईएएस की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता शोएब आलम ने दलील दी कि वे बीते तकरीबन 20 महीनों से जेल में हैं।
- जैसे ही किसी मामले में उन्हें जमानत मिलती है, किसी दूसरे केस में उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। उनका आरोप था कि जांच एजेंसियां एक पैटर्न के तहत यह कार्रवाई कर रही हैं, जिससे उन्हें लगातार जेल में रखा जा सके।
- सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल एसवी राजू ने डिवीजन बेंच को बताया कि संभावित गिरफ्तारी को आधार बनाकर सभी एजेंसियों को नए केस दर्ज करने से रोकना संभव नहीं है।
याचिकाकर्ता को दी हाई कोर्ट जाने की सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता पूर्व आइएएस को सलाह दी कि जिन मामलों में उन्हें गिरफ्तारी की आशंका है, उनमें वे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल कर सकते हैं।













