छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय के पेपर लीक होने का मामला शांत नहीं हुआ है। वहीं अब 14 मार्च को आयोजित हुई 12वीं बोर्ड की परीक्षा निरस्त कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा को रद्द कर परीक्षा की नई तारीख की भी घोषणा की है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 12वीं बोर्ड की हिंदी की परीक्षा अब 10 अप्रैल को दोबारा आयोजित की जाएगी।
NSUI ने किया था प्रदर्शन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड परीक्षा के हिंदी विषय के पेपर लीक होने के दावों को लेकर जबरदस्त सियासी और प्रशासनिक हलचल देखने को मिली थी। बीते दिनों NSUI ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक होने के गंभीर आरोप लगते हुए विरोध में NSUI ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल घेराव करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जांच को लेकर FIR दर्ज करवाई थी।
क्या है पूरा विवाद?
एनएसयूआई और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि 12वीं कक्षा का हिंदी का पेपर परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था। इसी मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय पहुंचे और घंटों नारेबाजी की थी। प्रदर्शन के दबाव के बाद, मंडल के अधिकारियों ने बाहर आकर छात्रों को मामले की उचित जांच कराने का आश्वासन दिया था। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि 3 दिनों के भीतर इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
शिक्षा मंत्री ने कही थी ये बात
विपक्ष के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया था कि, 12वीं की परीक्षा का कोई भी पेपर लीक नहीं हुआ है। मंत्री ने कहा,”कुछ छात्र संगठन बेवजह पेपर को व्हाट्सएप पर फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इसे गंभीरता से लिया है। मंत्री ने साफ कर दिया है कि मंडल इस मामले में अब पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराएगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति या संगठन इस तरह की अफवाह फैलाने में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएग.













