शहर में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अब बेहद जरूरी हो गया है। पहले जहां शहर के अंदर बिना हेलमेट वाहन चलाने पर ज्यादा कार्रवाई नहीं होती थी, वहीं अब पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए हर उल्लंघन पर ई-चालान काटना शुरू कर दिया है। इससे बाइकर्स में हड़कंप मच गया है।
कमिश्नरेट लागू होने के बाद बदले नियम
पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है। अब शहरी क्षेत्र में भी बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों को नहीं छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
सड़क हादसों में दोपहिया चालकों की ज्यादा मौतें
रिपोर्ट के मुताबिक, रायपुर जिले में हर सप्ताह करीब 8 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही है, जिनमें अधिकांश दोपहिया चालक शामिल हैं। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई लोग बिना हेलमेट शहर में वाहन चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। अब ऐसे लोगों पर नजर रखकर ई-चालान जारी किए जा रहे हैं।
कैमरे से बचना मुश्किल, हर बार कटेगा चालान
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना हेलमेट वाहन चलाने वाला व्यक्ति जितनी बार कैमरे में नजर आएगा, हर बार उसका चालान काटा जाएगा। साथ ही नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी लगातार अभियान जारी है।
सख्ती का असर: हादसों और मौतों में गिरावट
ट्रैफिक नियमों के कड़ाई से पालन का असर अब दिखने लगा है। पहले के मुकाबले सड़क दुर्घटनाओं और मौतों में कमी दर्ज की गई है। यह सख्ती लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से की जा रही है, न कि किसी टार्गेट को पूरा करने के लिए।
लाउडस्पीकर से दी जा रही समझाइश
ट्रैफिक पुलिस शहर के प्रमुख चौराहों पर लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को हेलमेट पहनने और नियमों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट जरूर पहनें।
टार्गेट के आरोपों पर पुलिस का जवाब
लोगों द्वारा लगाए जा रहे टार्गेट पूरा करने के आरोपों को पुलिस ने सिरे से खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।












