उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को औद्योगिक नगरी कानपुर से जोड़ने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जल्द ही फर्राटा भरने के लिए तैयार है। NHAI के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने इसके लिए टोल दरें फाइनल कर दी हैं। प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा के अनुसार, जैसे ही एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू होगी, ये दरें प्रभावी हो जाएंगी।
हाईवे के मुकाबले 186% महंगा होगा सफर
इस एक्सप्रेसवे की सबसे चौंकाने वाली बात इसकी टोल दरें हैं। वर्तमान में लखनऊ-कानपुर हाईवे (NH-27) पर कार के लिए एक तरफ का टोल ₹95 है, जबकि नए एक्सप्रेसवे पर यह ₹275 होगा। यानी पुराने रास्ते के मुकाबले आपको 186% ज्यादा शुल्क देना होगा।
विभिन्न वाहनों के लिए टोल रेट
- कार, जीप और SUV: एक तरफ का ₹275 और 24 घंटे के भीतर वापसी पर ₹415।
- हल्के कमर्शियल वाहन: एक तरफ का ₹445 और वापसी पर ₹670।
- बस और ट्रक: एक तरफ का ₹935 और वापसी पर ₹1405।
- भारी वाहन (HCM): एक तरफ का ₹1020 और वापसी पर ₹1530।
समय की होगी भारी बचत
भले ही टोल की दरें ऊंची हों, लेकिन यह एक्सप्रेसवे आपका कीमती समय बचाएगा। वर्तमान हाईवे से लखनऊ से कानपुर की दूरी 94 किलोमीटर है, जिसे भारी ट्रैफिक के कारण पार करने में 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं। वहीं, यह नया 6 लेन एक्सप्रेसवे केवल 63 किलोमीटर लंबा है। इस पर अधिकतम रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा तय की गई है, जिससे यह सफर महज 30 से 45 मिनट में पूरा हो जाएगा।
जेब पर बढ़ेगा बोझ, पर मिलेगी राहत
एक्सप्रेसवे पर सफर करने से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो रोजाना काम के सिलसिले में इन दोनों शहरों के बीच यात्रा करते हैं। हालांकि, टोल दरों ने आर्थिक चिंता जरूर बढ़ा दी है। जानकारों का कहना है कि जो लोग समय की कीमत समझते हैं, उनके लिए यह एक्सप्रेसवे वरदान साबित होगा, लेकिन बजट का ध्यान रखने वाले यात्री शायद पुराने हाईवे को ही प्रायोरिटी दें।















