नोएडा मजदूर कंपनी विवाद मामले में पुलिस की जांच के दौरान नए-नए खुलासे हो रहे हैं। नोएडा में प्रदर्शन के दौरान, आगजनी करने वाले 17 लोगों की पहचान कर ली गई है। उनमें से 11 लोगों अरेस्ट भी कर लिया गया है। इसमें भड़काने वाले 32 लोगों की भी पहचान हुई, जिसमें से 19 को अरेस्ट किया गया है। इस मामले में हुईं कुल 66 गिरफ्तारियों में 45 श्रमिक हैं ही नहीं, जो चौंकाने वाला है।
आगजनी करने वाले 8 लोग मजदूर नहीं
बता दें कि 4 लोग नोएडा मजदूर कंपनी विवाद में साजिश षडयंत्र के आरोप में अरेस्ट हुए हैं। कई अरेस्ट आरोपी किसी संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं। आगजनी की घटना के मामले में भी जो 11 लोग अरेस्ट हुए हैं उनमें 8 श्रमिक नहीं हैं। भड़काने वाले, आगजनी वाले और पथराव करने वाले ज्यादातर आरोपी श्रमिक हैं ही नहीं।
पुलिस ने 600 से ज्यादा लोगों को किया गिरफ्तार
नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अभी तक प्रीवेंटिव अरेस्ट मिलाकर करीब 600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान, पुलिस को 17 व्हाट्सऐप ग्रुप के बारे में भी पता चला। इनके पीछे एक संगठन का हाथ सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में आरोपी रूपेश राय को भी गिरफ्तार किया है।
17 व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए भड़काई गई हिंसा
पुलिस ने 17 व्हाट्सऐप ग्रुप की भूमिका की भी पहचान की है, जिनके जरिए आंदोलन को हिंसक बनाने की कोशिश की गई थी। पुलिस की जांच के दौरान, नोएडा मजदूर कंपनी विवाद में हिंसा और उसकी साजिश की एक-एक परत खुलकर सामने आ रही है।
नोएडा हिंसा क्या है?
गौरतलब है कि बीते 13 अप्रैल को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मजदूरों और प्राइवेट कंपनियों के बीच सैलरी बढ़ाने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान, हजारों की संख्या में मजदूर सड़कों पर उतर आए थे। बाद में इस प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया था और अलग-अलग जगहों आगजनी व पथराव की घटनाएं हुई थीं।














