अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की डिनर पार्टी में हमले से पूरे अमेरिका में हड़कंप मच गया है। वहीं अब सवाल यह उठ रहा है कि ट्रंप की पार्टी में फायरिंग करके दहशत फैलाने वाला कौन है? वह हॉल तक हथियार लेकर कैसे पहुंचा और राष्ट्रपति की सुरक्षा में कहां चूक हुई? इन सवालों को लेकर अमेरिकन पुलिस, होटल सिक्योरिटी और सीक्रेट सर्विस को घेरा जा जा रहा है। सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को गोली मारकर जिंदा पकड़ा है। अब उससे पूछताछ करके हमला करने की वजह पूछी जा रही है।
पार्टी में 8 से 9 राउंड फायरिंग की गई
हमलावर का नाम कोल टॉमस एलन है और वह 31 साल का है। कैलिफोर्निया के टोरेंस का रहने वाला है। उसने शॉटगन से 8 से 9 राउंड फायरिंग की। वह खाने-पीने के सामान के साथ हथियार लेकर पार्टी हॉल तक पहुंचा। टेबल के पास ही शॉटगन को असेंबल किया और गोलियां चलाई। सीक्रेट सर्विस एजेंट ने उसे ललकारा तो उसने उस पर भी हमला किया। इसके बीच एक गोली मारकर हमलावर को दबोच लिया गया। हमलावर ने सबसे पहले सीक्रेट सर्विस एजेंट पर गोली चलाई थी, जो बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण बच गया। गोली चलते ही उसकी कैप में लगी ON लाइट जग गई और पूरी सिक्योरिटी एक्टिव हो गई।
कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर एनुअल फंक्शन
बता दें कि हर साल राष्ट्रपति ट्रंप होटल हिल्टन में कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर देते हैं। इस दौरान राष्ट्रपति के साथ उनके करीब और कैबिनेट के सदस्य मौजूद रहते हैं। परंपरागत कार्यक्रम के दौरान मार्को रुबियो, पीट हेगसेथ, जेडी वेंस समेत कई मंत्री मौजूद थे। वहीं पार्टी के दौरान होटल को पूरी तरह सील नहीं किया जात। बल्कि इसे आम लोगों के लिए खुला रखा जाता है। सुरक्षा एजेसियों का फोकस सिर्फ बॉलरूम, पार्टी हॉल और वीआईपी एरिया पर रहता है, जिसका फायदा हमलावर ने उठाया। वह हथियार लेकर पार्टी हॉल तक पहुंचा और हिम्मत देखिए, हथियार वहीं असेंबल करके ताबड़तोड़ फायरिंग की।
सिक्योरिटी की कमी का उठाया फायदा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने टेबल के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। सीक्रेट सर्विस ने तत्काल एक्शन लेते हुए ट्रंप और अन्य नेताओं विदेश मंत्री मार्को रुबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को रेक्यू किया। राष्ट्रपति ट्रंप और मेलानिया को सुरक्षित किया। पूरे होटल को घेरकर नेशनल गार्ड के जवान तैनात किए गए। होटल के पब्लिक एरिया में सिक्योरिटी की कमी थी। क्योंकि होटल परिसर में विरोध प्रदर्शन चल रहे थे। कुछ प्रदर्शनकारी रेड कार्पेट तक पहुंचे और विरोध जताया। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ और सिक्योरिटी की कमी का फायदा उठाकर हमलावर पार्टी हॉल तक पहुंचा।














