पिछले हफ्ते घरेलू शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। हालांकि, सोमवार से शुरू होने जा रहे नए सप्ताह में कई अहम मुद्दे बाजार की दिशा को तय करेंगे। इस हफ्ते शेयर बाजारों की चाल मुख्य रूप से 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे और पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी। एक्सपर्ट्स ने कहा कि निवेशक पश्चिम एशिया संघर्ष और हॉर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रमों पर भी नजर रखेंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
विधानसभा चुनाव के नतीजे सबसे अहम
लिवलॉन्ग वेल्थ के फाउंडर और रिसर्च एनालिस्ट हरिप्रसाद के. ने कहा, ”सबसे तात्कालिक कारक विधानसभा चुनाव के नतीजे होंगे। निवेशक बारीकी से देख रहे हैं कि क्या केंद्र में सत्तारूढ़ दल पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को हरा सकता है और क्या विपक्ष शासित केरल तथा तमिलनाडु में सार्थक पैठ बना सकता है, जहां बीजेपी की इस समय सीमित उपस्थिति है।” हरिप्रसाद ने कहा कि कच्चा तेल सबसे महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक कारक बना हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों पर रहेंगी नजरें
हरिप्रसाद ने आगे कहा, ”हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास चल रहे तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का जोखिम है। भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की लगातार ऊंची कीमतें रुपये पर दबाव डालती हैं। इसका कॉरपोरेट मार्जिन के साथ ही राजकोषीय गतिशीलता पर भी असर पड़ता है।” इसके अलावा व्यापक आर्थिक आंकड़े, चौथी तिमाही के नतीजे और विदेशी निवेशकों के रुख से भी बाजार प्रभावित होगा।
ये प्रमुख आंकड़े भी बाजार को करेंगे प्रभावित
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के अजीत मिश्रा ने कहा कि इस हफ्ते एचएसबीसी विनिर्माण पीएमआई (4 मई), सेवा और कंपोजिट पीएमआई (6 मई) और विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े (8 मई) जैसे प्रमुख आर्थिक आंकड़े आने वाले हैं, जो आर्थिक गति और बाहरी क्षेत्र की स्थिरता के बारे में संकेत देंगे। इनके अलावा, इस सप्ताह अंबुजा सीमेंट्स, बीएचईएल, हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो जैसी प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे भी घोषित किए जाएंगे।














