रायपुर, 05 मई 2026
छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर अंचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। राज्य शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत हो उठा है।
बिलौरी से संस्कार सिटी तक
बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक, नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत से सफलता का नया अध्याय लिखा है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है। वर्तमान में डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययनरत है और उसे कक्षा बारहवीं तक की पूरी शिक्षा निःशुल्क प्रदान की जाएगी।
सरकार बनी प्रगति का आधार
इस उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल है। मंडल ने डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। डिंपल कश्यप के पिता नंदकिशोर कश्यप ने कहा कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। हम दिन-रात मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि बच्चों का भविष्य हमारे संघर्षपूर्ण जीवन से बेहतर हो सके। सरकार की योजना ने हमारे धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।
समाज के लिए एक प्रेरणा
ग्राम बिलौरी-2 की गलियों से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर उन सभी परिवारों के लिए मिसाल है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। कश्यप दंपत्ति आज न केवल गौरवान्वित हैं, बल्कि उन्हें विश्वास है कि उनकी बेटी सफलता के उस आसमान को छुएगी जिसकी उन्होंने कभी कल्पना की थी। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकारी योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।















