छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में अवैध गांजा के खिलाफ पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 104 किलो से अधिक गांजा के साथ 11 तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
पहली कार्रवाई में ACCU और सरकंडा थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर 8 महिला तस्करों को गिरफ्तार किया। ये महिलाएं दो इलेक्ट्रिक ऑटो में सवार थीं और ओडिशा से ट्रेन के जरिए कपड़ों की गठरियों के बीच छिपाकर गांजा लेकर आई थीं।
तलाशी के दौरान 8 बोरियों और कपड़ों के गट्ठरों में छिपाए गए लगभग 90 किलो गांजे के 86 पैकेट बरामद हुए।
गिरफ्तार सभी महिलाएं मटियारी गांव की रहने वाली बताई गई हैं। पूछताछ में उन्होंने खुद को मजदूरी के लिए बाहर जाने वाला बताया था, लेकिन जांच में गांजा तस्करी का खुलासा हुआ।
पुलिस ने सभी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
दूसरी कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल ने भी तीन तस्करों को पकड़ा है, जो महाराष्ट्र से ट्रेन के जरिए गांजा लेकर आ रहे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से करीब 14.5 किलो गांजा बरामद हुआ।
तीनों आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के अमरावती निवासी के रूप में हुई है। उन्हें प्लेटफॉर्म पर निगरानी के दौरान गिरफ्तार किया गया और बाद में न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का मानना है कि दोनों मामलों में अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें ओडिशा और महाराष्ट्र से गांजे की सप्लाई छत्तीसगढ़ में की जा रही थी। फिलहाल पूरे रैकेट और सप्लायर नेटवर्क की जांच जारी है।
















