पेट्रोल, डीजल और CNG की बढ़ती कीमतों के बीच आम आदमी की जेब पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर भी महंगा हो गया है? क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है।
यहां आपको बता दें कि 23 मई को घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल कंपनियों ने फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत देते हुए गैस सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ाए हैं, वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी कोई नई बढ़ोतरी नहीं हुई है
| शहर | घरेलू गैस (रुपए) | कमर्शियल गैस (रुपए) |
| दिल्ली | 913 | 3,071.50 |
| मुंबई | 912.50 | 3,024 |
| कोलकाता | 939 | 3,202 |
| चेन्नई | 928.50 | 3,237 |
| गुरुग्राम | 921.50 | 3,088 |
| बेंगलुरु | 915.50 | 3,152 |
| नोएडा | 910.50 | — |
| पटना | 1,002.50 | — |
तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के मुताबिक दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपए पर ही बना हुआ है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 912.50 रुपए है। कोलकाता में यह 939 और चेन्नई में 928.50 रुपए में मिल रहा है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं हुआ है। इससे होटल, रेस्तरां और छोटे कारोबारियों को कुछ राहत मिली है, क्योंकि इसी महीने की शुरुआत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम करीब 100 रुपए तक बढ़ाए गए थे। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में अस्थिरता के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला गया है।
तेल कंपनियों (OMCs) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, देश के अलग-अलग शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 3,071.50 रुपए में मिल रहा है, जबकि मुंबई में इसकी कीमत 3,024 रुपए है। कोलकाता में यह 3,202 और चेन्नई में 3,237 रुपए में बिक रहा है।
अन्य शहरों की बात करें तो गुरुग्राम में घरेलू सिलेंडर 921.50 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर 3,088 रुपए में मिल रहा है। नोएडा में घरेलू सिलेंडर910.50 रुपए है। बेंगलुरु में घरेलू एलपीजी की कीमत 915.50 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर 3,152 रुपए है। वहीं, पटना में घरेलू गैस सिलेंडर सबसे महंगा है, जहां इसकी कीमत 1,002.50 रुपए तक पहुंच गई है।
वैश्विक स्तर पर इस समय ऊर्जा बाजार दबाव में हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल और एलपीजी की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे समुद्री मार्ग को लेकर चिंता बढ़ी है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस की सप्लाई होती है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
हालांकि फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है और घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रखे गए हैं। भारत में एलपीजी की कीमतों की समीक्षा हर महीने की शुरुआत में की जाती है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, फ्रेट कॉस्ट और सरकारी सब्सिडी जैसे कई कारक शामिल होते















