आम के शौकीनों के लिए खास खबर है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में होने वाले तीन दिवसीय आम महोत्सव में मियाजाकी और नूरजहां जैसी 250 से अधिक किस्मों के स्टाल लगाए जाएंगे। यहां देखने के साथ-साथ लोग फल और पौधे खरीद भी सकेंगे। कृषि महाविद्यालय परिसर में 29 से 31 मई तक यह महोत्सव आयोजित होगा।
पहले दिन सुबह नौ से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा, जिसके बाद प्रदर्शनी रात नौ बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इस अनूठे महोत्सव में देश-विदेश की आम की किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों के किसान अपनी फसलों के साथ शामिल होंगे।
यहां व्यावसायिक किस्म- दशहरी, लंगड़ा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफांसो, तोतापरी और नीलम और संकर (हाइब्रिड) किस्म- मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरुणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु और विशिष्ट किस्में- हाथीझूल, नूरजहां, लड्डू और गुलाब खास, विदेशी (एक्जोटिक) किस्में- दुनिया का सबसे महंगा आम मियाजाकी, टामी एटकिन्स और गोल्डन नगेट्स प्रदर्शित किए जाएंगे।
मैंगो क्विज, फैंसी ड्रेस और व्यंजन प्रतियोगिताएं
महोत्सव को मनोरंजक बनाने के लिए केवल फलों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि कई रोमांचक प्रतियोगिताएं भी रखी गई हैं। बच्चों के लिए मैंगो फैंसी ड्रेस, मैंगो क्विज और विद्यार्थियों के लिए आम की सजावट प्रतियोगिता होगी। मशहूर शेफ आकांक्षा राय मौजूद रहेंगी, जो आम के नए-नए व्यंजन बनाना सिखाएंगी। प्रतिभागी आम से बने अचार, चटनी, आम पापड़, आमरस, पना, शर्बत, जैम और मिठाइयों के साथ प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं, न्यूनतम 250 ग्राम उत्पाद जरूरी रखा गया है। हर शाम को दर्शकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सुबह नौ से रात नौ बजे तक तीन दिनों का शेड्यूल
महोत्सव के दूसरे दिन दोपहर 12 से चार बजे तक आम उत्पादन: समस्या एवं समाधान विषय पर सेमिनार होगा। इसमें किसानों को सरकारी योजनाओं, उच्च गुणवत्ता उत्पादन और मार्केटिंग की जानकारी दी जाएगी। तीसरे दिन दोपहर 12 से चार बजे तक सफल आम उत्पादकों और उद्यमियों की सफलता की कहानी। शाम को पुरस्कार वितरण और सम्मान समारोह के साथ समापन होगा।
प्रति किस्म न्यूनतम पांच से 10 आम साथ लाना अनिवार्य
आम उत्पादक किसान जो अपनी आम किस्मों का प्रदर्शन करना चाहते हैं, उन्हें प्रति किस्म न्यूनतम पांच से 10 आम साथ लाना अनिवार्य होगा।













