छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में निर्धारित कीमतों से ज्यादा कीमत पर शराब बेचेनए के मामले सामने आने बाद, आबकारी विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। जहां आबकारी आयुक्त पी. एस. एल्मा ने अलग अलग जिलों में सामने आई ओवर रेटिंग की शिकायतों के बाद चार आबकारी उप निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, इसके साथ ही 8 आबकारी अधिकारियों को कारण बाताओ नोटिस जारी किया गया है।
MRP से ज्यादा पैसे वसूलने का आरोप
बता दें, राज्य स्तरीय उड़ान दस्ता टीम ने रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले की शराब दुकानों में औचक निरीक्षण किया था। इसी जांच के दौरान कई दुकानों में ग्राहकों से निर्धारित मूल्य/ एमआरपी से ज्यादा से पैसे वसूले जाने की पुष्टि हुई। निरीक्षण में कहीं 10 रुपये, कहीं 20 रुपये, तो कहीं 60 रुपये तक अधिक कीमत लेकर शराब बेचने के मामले सामने आए।
अधिकारियों की लापरवाही और कमजोर निगरानी
मामले में रायपुर जिले की फाफाडीह विदेशी मदिरा दुकान, बलौदाबाजार जिले की हिरमी कंपोजिट मदिरा दुकान, खैरागढ़ जिले की गंडई मदिरा दुकान और धमतरी जिले की कुरूद मदिरा दुकान में अनियमितताएं पाई गईं। इन मामलों को संबंधित अधिकारियों की लापरवाही और कमजोर निगरानी मानते हुए आबकारी आयुक्त ने कार्रवाई की।
4 सस्पेंड 8 को कारण बताओ नोटिस
आदेश के मुताबिक आबकारी उप निरीक्षक कौशल किशोर सोनी, प्रभाकर सिरमौर, मनराखन नेताम और पुरुषोत्तम सिन्हा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंशन अवधि के दौरान इन अधिकारियों का मुख्यालय संबंधित संभागीय उड़नदस्ता कार्यालयों में निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा जिला आबकारी अधिकारी निरुपमा लोहार (धमतरी), मुकेश अग्रवाल (बलौदाबाजार), जलेश सिंह (बलौदाबाजार), अजय सिंह धुर्वे (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) तथा सहायक जिला आबकारी अधिकारी जेबा खान (रायपुर) समेत कुल आठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग लगातार निगरानी कर रहा है
आबकारी विभाग का कहना है कि शराब दुकानों में ओवररेटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और उपभोक्ताओं से भी शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। आबकारी आयुक्त पी. एस. एल्मा ने स्पष्ट किया है कि शराब बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।












