बिलासपुरः जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली असमय मौतों का आकंडा तेजी से बढ़ रहा है। दुर्घटना के दौरान सिर पर लगी चोट से सर्वाधिक मौत को देखते हुए कलेक्टर ने अब अधिकारियों व कर्माचरियों से अपील की है कि वे दुर्घटना से बचने से हेलमेट का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करें और अपने जानने वालो को हेलमेट लगाने जागरूक करें, जिससे दुर्घटना में मौतो का आंकडा कम किया जा सके। जिले में सड़क हादसे से बढ़ते मौत के आंकडे डराने वाले हैं।
हर साल दुर्घटना में मौत का आकंडा 300 या फिर उसके पार चला जाता है। वर्ष 2025 में भी लगभग 300 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में असामयिक मृत्यु हुई है। जांच में यह बात सामने आई कि इनमें से अधिकांश मौतें सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुईं, जिन्हें यदि यातायात नियमों का पालन करते हुए हेलमेट पहना होता तो संभवतः मौतों के आंकडों को कम किया जा सकता था। जिले में मोटरयान अधिनियम 1988 के कड़े प्रविधानों का हवाला देते हुए अब कलेक्टोरेट सहित जिले के सभी सरकारी दफ्तरों में हेलमेट को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की मुहिम के तहत सभी विभाग प्रमुखों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे न केवल अपने मातहत काम करने वाले कर्मचारियों, बल्कि दफ्तरों में आने वाले नागरिकों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके पूरे हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर देती हैं। सुरक्षित यात्रा और जिम्मेदार नागरिकता का यह संकल्प बिलासपुर की सड़कों पर होने वाली जनहानि को कम करने की दिशा में एक बड़ा और मील का पत्थर साबित होगा
हेलमेट अनिवार्यता को लेकर प्रशासन का तर्क
- मोटर यान अधिनियम के तहत कड़ाई- प्रशासन ने साफ किया है कि मोटर यान अधिनियम 1988 के तहत दुपहिया चालकों के लिए हेलमेट लगाना कानूनी रूप से अनिवार्य है। अब सरकारी दफ्तरों में बिना हेलमेट के आने वाले दोपहिया वाहनों पर नजर रखी जाएगी।
- सिर की गंभीर चोटों से सुरक्षा- डाक्टरों और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, हेलमेट दुर्घटना के दौरान सिर को गंभीर और जानलेवा चोटों से बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह सड़क पर होने वाली मृत्यु की आशंका को काफी हद तक कम कर देता है।
- परिवारों को पीड़ा से बचाने की अपील- जिला प्रशासन ने बिलासपुर के सभी आम नागरिकों से भावुक अपील की है कि वे खुद तो हेलमेट पहनें ही, साथ ही अपने परिवार, दोस्तों और परिचितों को भी सुरक्षित सफर के लिए हेलमेट लगाने के लिए अनिवार्य रूप से प्रेरित करें।













