रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की सालाना आम बैठक (AGM) 2026 में मुकेश अंबानी ने देश के कॉर्पोरेट इतिहास की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक को हरी झंडी दे दी है। रिलायंस बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Jio) ने अपने मेगा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है।
इस घोषणा के साथ ही भारतीय प्राथमिक बाजार (Primary Market) में अब तक के सबसे बड़े आईपीओ के आने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है, जिसका निवेशकों को लंबे समय से इंतजार था।
27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी कंपनी
सेबी के पास जमा किए गए दस्तावेजों (DRHP) के मुताबिक, इस आईपीओ के तहत कंपनी मार्केट से बड़ा फंड जुटाने की तैयारी में है। जियो के इस आईपीओ में 27 करोड़ (270 million) तक नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।
फ्रेश इश्यू के अलावा, मौजूदा प्रमोटर और शेयरधारक भी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी आंशिक हिस्सेदारी बाजार में बेच सकते हैं। मुकेश अंबानी ने एजीएम में कहा कि जियो का आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए देश की डिजिटल क्रांति का सीधा हिस्सा बनने और वेल्थ क्रिएट (पैसा बनाने) करने का एक ऐतिहासिक मौका साबित होगा।
बाजार में क्यों है इस IPO को लेकर भारी हलचल?
रिलायंस जियो वर्तमान में देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है, जिसके पास 48 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जियो का वैल्यूएशन (Valuation) बेहद मजबूत है, जिसके कारण यह आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के पिछले कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकता है।
इस आईपीओ से मिलने वाले फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने 5G और आगामी 6G नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, डिजिटल सर्विसेज के विस्तार और कर्ज को कम करने के लिए करेगी।
कब आएगा IPO और क्या होगी कीमत?
दाखिल होने के बाद अब सेबी इस ड्राफ्ट की समीक्षा करेगा और अपनी मंजूरी (Observation) देगा। सेबी से हरी झंडी मिलने के बाद कंपनी आईपीओ के खुलने की तारीख, प्राइस बैंड (Price Band) और लॉट साइज का आधिकारिक ऐलान करेगी। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि आगामी कुछ महीनों के भीतर यह आईपीओ आम निवेशकों के लिए खुल सकता है।














