महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को एनालॉग पनीर और एनालॉग चीज के मुद्दे पर जोरदार चर्चा हुई। बीजेपी विधायक विक्रम पाचपुते ने राज्य में एनालॉग पनीर और चीज की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि असली पनीर और चीज दूध से तैयार किए जाते हैं, जबकि एनालॉग उत्पाद वनस्पति तेल और अन्य विकल्पों से बनाए जाते हैं, जिन्हें पनीर और चीज के नाम पर बेचकर उपभोक्ताओं को भ्रमित किया जा रहा है।
पाचपुते ने सदन में कहा कि उन्होंने मार्च 2025 के बजट सत्र में भी यह मुद्दा उठाया था और मांग की थी कि होटलों एवं रेस्तरां को अपने मेन्यू में स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य हो कि वे एनालॉग पनीर या चीज का उपयोग कर रहे हैं। लेकिन अब होटल व्यवसायी दावा कर रहे हैं कि वे ऐसे उत्पाद बेचते ही नहीं हैं, जबकि बाजार में इनकी बिक्री जारी है। उन्होंने कहा कि जब तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की प्रयोगशालाओं की क्षमता नहीं बढ़ती और निगरानी व्यवस्था मजबूत नहीं होती, तब तक इन उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
सरकार और अधिक सख्ती बरते: सना मलिक
पनीर मिलावट मामले पर अजित पवार गुट की नेता और एनसीपी की विधायक सना मलिक ने कहा कि उनके सहयोगी विधायक विक्रम पाचपुते ने यह मुद्दा उठाया था और सरकार इस पर लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के एक्शन के कारण मिलावटखोरों पर लगाम लगाई जा रही है। हालांकि, उनकी मांग है कि लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सरकार और अधिक सख्ती बरते।
राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है: नाना पटोले
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है और एफडीए की प्रयोगशालाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की जरूरत है, ताकि लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
वहीं, राज्य की स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर ने कहा कि सरकार इस विषय को गंभीरता से देख रही है। उन्होंने संकेत दिए कि एनालॉग पनीर और चीज के संबंध में जल्द सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार प्रतिबंध लाएगी, क्योंकि लोगों का स्वास्थ्य ही सरकार की प्राथमिकता है।
यदि महाराष्ट्र सरकार वास्तव में एनालॉग पनीर और चीज पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करती है, तो ऐसा करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन सकता है। हालांकि, फिलहाल सरकार ने केवल सकारात्मक रुख दिखाया है और अंतिम निर्णय या अधिसूचना का इंतजार है।
तीन प्रकार के होते हैं पनीर
आपको बता दें कि पनीर तीन प्रकार के होते हैं। पहला असली पनीर जो दूध से बनता है। दूसरा एनलॉग पनीर और तीसरा सिंथेटिक पनीर होता है। एनलॉग पनीर भी सिंथेटिक पनीर जितना ही नुकसानदायक है। एनलॉग पनीर पाम आयल से बनता है, लेकिन FSSI ने इसकी मंजूरी दे रखी है। वहीं, सिंथेटिक पनीर केमिकल से बनता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसी तरह से एनलॉग चीज भी पाम आयल से बनता है। ये भी हानिकारक है। ज्यादा एनलॉग पनीर और चीज के खाने से कैंसर तक होता है।














