प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। चार दिनों में 2600 से ज्यादा नीट क्वालिफाइड छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। पहले राउंड में प्रवेश के लिए नियम भी सख्त है। इस राउंड में सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट आवंटित होने पर प्रवेश लेना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर छात्र काउंसलिंग से स्वत: ही बाहर हो जाएगा। यही नहीं चालू सत्र में प्रवेश भी नहीं ले सकेगा। नए प्रवेश नियम में अब हर राउंड में नए सिरे से ऑनलाइन पंजीयन करवाया जाएगा। यही नहीं नई मेरिट सूची भी जारी की जाएगी।
: अपग्रेडेशन का विकल्प
आवंटन के बाद प्रवेश लेने की अनिवार्यता निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के लिए नहीं है। यानी छात्रों को सीट आवंटन होने पर दस्तावेज का सत्यापन कराना जरूरी होगा और वे अगले राउंड में बने रहने के लिए विकल्प दे सकते हैं। प्रदेश के 21 सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश के लिए छात्र 16 अगस्त तक पंजीयन करवा सकेंगे। 17 अगस्त तक च्वाइस फिलिंग करनी होगी।
आवंटन सूची 20 अगस्त को आएगी। सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस सीट मिलने पर छात्रों को प्रवेश नियम पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्हें संबंधित मेडिकल कॉलेजों में न केवल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा, वरन प्रवेश भी लेना होगा। कॉलेज से संतुष्ट नहीं होने पर उन्हें अपग्रेडेशन का विकल्प दिया जाएगा।
प्रदेश में कुल 2925 सीटें
50 सीटें और आएंगी
प्रदेश में एमबीबीएस की कुल 2925 सीटें हैं। इनमें 2629 सीटों के लिए काउंसिलिंग हो रही है। एक निजी कॉलेज में 50 सीटें आने की संभावना है। ऑल इंडिया की 252 व सेंट्रल पुल की 44 सीटें हैं। इनमें 15 फीसदी ऑल इंडिया व तीन फीसदी सीटें सेंट्रल पुल के लिए आरक्षित है। ऑल इंडिया के लिए दिल्ली से काउंसिलिंग जारी है। सेंट्रल पुल के लिए केंद्र सरकार स्टूडेंट्स का नाम तय कर कॉलेजों को भेजती है। इनमें आतंकवाद या नक्सली के हमले में मारे गए परिजनों के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। हालांकि प्रदेश लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा, लेकिन यहां गिनती के छात्रों का प्रवेश सेंट्रल पुल से हुआ है। जबकि प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा सीटें लुटा रहा है।
सभी दस्तावेज तैयार रखना जरूरी, एक कम होने से मौका नहीं देंगे
छात्रों के दस्तावेजों का सत्यापन प्रवेश के ठीक पहले संबंधित मेडिकल कॉलेजों में होगा। कोई भी एक दस्तावेज कम होने पर छात्रों को प्रवेश से वंचित किया जा सकता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के दौरान कोई भी दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं है। छात्रों को नीट स्कोर से लेकर जाति व निवासी प्रमाणपत्र संभालकर रखना होगा।
डीएमई व कॉलेजों की अधिकृत वेबसाइट पर छात्रों को जरूरी दस्तावेज संबंधी जानकारी अपलोड कर दी गई है। छात्रों को हर दस्तावेज संभालकर रखना होगा। मेडिकल सर्टिफिकेट एडमिशन के दौरान जमा करना होता है। इसके लिए कॉलेज की ओर से संबद्ध अस्पतालों में जरूरी व्यवस्था की गई है। ताकि छात्रों को सर्टिफिकेट के लिए भटकना न पड़े।














