• ABOUT US
  • PRIVACY POLICY
  • CONTACT US
Monday, October 19, 2026
Ek Aur Tadka
  • Login
  • Home
  • CONTACT US
  • देश
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • खेल
  • राशिफल
  • JOB
  • बिजनेस
  • Blog
  • अन्य खबर
  • मनोरंजन
  • Home
  • CONTACT US
  • देश
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • खेल
  • राशिफल
  • JOB
  • बिजनेस
  • Blog
  • अन्य खबर
  • मनोरंजन
No Result
View All Result
EK AUR TADKA
No Result
View All Result
Home छत्तीसगढ़

Cg News : बारिश की हर बूंद सहेजने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी, ‘जल संचय जन भागीदारी’ के तीसरे चरण में देश में प्रथम

VIKASH SONI by VIKASH SONI
September 2, 2026
in छत्तीसगढ़
Share on FacebookShare on TelegramShare On Whatsapp

Cg News : रायपुर, 2 सितंबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

READ ALSO

Chattisgarh news: छत्तीसगढ़ में जाति प्रमाण पत्र घर बैठे कैसे करें आवेदन? एक Click में यहां जानें पूरा प्रोसेस

Chhattisgarh samachar: छत्तीसगढ़ में कल मिलेगी दो नई रेल सेवाओं की सौगात, CM विष्णुदेव साय दिखाएंगे हरी झंडी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

बारिश की हर बूंद को सहेजने और उसे धरती के भीतर पहुंचाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षित करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने देश के सामने जनभागीदारी का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य के पांच जिले भी जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाने में सफल रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय मंच पर साझा की। सम्मेलन के ‘कैच द रेन’ सत्र में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राज्य में वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

सम्मेलन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल सहित विभिन्न राज्यों के जल संसाधन मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*जल संरक्षण को सरकारी कार्यक्रम नहीं, जनअभियान बनाया : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने जल संरक्षण को केवल शासकीय योजनाओं और जल संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं रखा है। किसानों, ग्राम पंचायतों, जल सखियों, जल मित्रों और स्थानीय समुदायों को इससे जोड़कर इसे व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और अपने गृहग्राम बगिया में हल चलाकर खेती कर चुके हैं। इसलिए खेती और ग्रामीण जीवन में पानी का महत्व उन्होंने बहुत करीब से देखा और समझा है। किसान के लिए पानी केवल एक प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि उसकी फसल, परिवार, आजीविका और भविष्य से जुड़ा विषय है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण की योजनाओं के केंद्र में किसान और गांव को रखा गया है।

उन्होंने कहा कि देश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में लगभग चार प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाला छत्तीसगढ़ ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। यह उपलब्धि केवल जल संरचनाओं की संख्या की नहीं, बल्कि जल संरक्षण के प्रति प्रदेश में विकसित हो रही सामूहिक चेतना और जनभागीदारी की भी उपलब्धि है।

*कोरिया से निकला ‘5 प्रतिशत मॉडल’, किसान स्वयं दे रहे जमीन*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन में कोरिया जिले से शुरू हुए ‘5 प्रतिशत मॉडल’ का विशेष उल्लेख किया। यह मॉडल जल संरक्षण में किसानों की स्वैच्छिक भागीदारी का अभिनव उदाहरण है।

इस पहल के अंतर्गत किसान अपनी कृषि भूमि का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा भू-जल पुनर्भरण और वर्षा जल संचयन के लिए स्वेच्छा से उपलब्ध करा रहे हैं। इस हिस्से में ऐसी जल संरचनाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें बारिश का पानी खेत से बहकर बाहर जाने के बजाय वहीं एकत्र हो और धीरे-धीरे जमीन के भीतर समाहित हो सके।

इस मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें किसान जल संरक्षण के केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार हैं। किसान अपनी भूमि उपलब्ध करा रहे हैं, पंचायतें और स्थानीय समुदाय सहयोग कर रहे हैं तथा विभिन्न विभागों और योजनाओं के समन्वय से जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।

जल संरचनाओं की जियो-टैगिंग, नियमित मॉनिटरिंग और प्रगति की समीक्षा को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। जल सखी, जल मित्र, किसान और पंचायत प्रतिनिधि गांवों में जल संरक्षण की इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं।

खेत में ही वर्षा जल को रोकने से भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलने के साथ सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। लंबे समय में इससे खेती की वर्षा पर निर्भरता कम करने और जल सुरक्षा बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

*JSJB 3.0 में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम*

जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीनों चरणों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। पहले दो चरणों में देश में दूसरा स्थान हासिल करने के बाद तीसरे चरण में राज्य ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के प्रथम चरण JSJB 1.0 में छत्तीसगढ़ में 4 लाख 5 हजार 561 जल संरचनाएं बनाई गईं। इस चरण में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे स्थान पर रहा।

दूसरे चरण JSJB 2.0 में प्रदेश में 24 लाख 7 हजार 456 जल संरचनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 23 लाख 7 हजार 768 जल संरचनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। इस चरण में भी छत्तीसगढ़ ने देश में दूसरा स्थान हासिल किया।

अब तीसरे चरण JSJB 3.0 में छत्तीसगढ़ ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस चरण में प्रदेश में 79 हजार 775 जल संरचनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें से 77 हजार 719 जल संरचनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है।

इस प्रकार अभियान के अलग-अलग चरणों में छत्तीसगढ़ ने बड़े पैमाने पर जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण की संरचनाओं को विकसित और दर्ज किया है। इन प्रयासों का मूल उद्देश्य बारिश के पानी को बहकर बाहर जाने से रोकना, स्थानीय स्तर पर उसका संचयन करना और अधिक से अधिक पानी को जमीन के भीतर पहुंचाना है।

*छत्तीसगढ़ के पांच जिले देश के टॉप-10 में*

राज्य स्तर की उपलब्धि के साथ ही छत्तीसगढ़ के जिलों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। जल संरक्षण के क्षेत्र में सूरजपुर, महासमुंद, बालोद, बलौदाबाजार-भाटापारा और कबीरधाम देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हुए हैं।

इन जिलों में जल संरक्षण को स्थानीय समुदायों से जोड़ते हुए गांव और पंचायत स्तर पर वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के कार्य किए गए हैं। स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप जल संरचनाओं के निर्माण के साथ लोगों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि बताती है कि जब शासन की योजनाओं के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी जुड़ती है, तो जल संरक्षण जैसे बड़े लक्ष्य को भी जनांदोलन का रूप दिया जा सकता है।

*26 से घटकर 19 हुए पानी की कमी वाले ब्लॉक*

राज्य में किए जा रहे जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पानी की कमी वाले ब्लॉकों की संख्या 26 से घटकर 19 रह गई है। साथ ही पांच क्रिटिकल ब्लॉकों के भी सामान्य श्रेणी में आने का अनुमान है।

भू-जल की स्थिति में सुधार के लिए राज्य में जल संचयन संरचनाओं के निर्माण के साथ पुराने जल स्रोतों के संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण, जल संरचनाओं की मैपिंग और स्थानीय स्तर पर नियमित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

*‘जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ के मंत्र को जमीन पर उतार रहा छत्तीसगढ़*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘कैच द रेन – जहां जल गिरे, वहीं सहेजें’ के संदेश को छत्तीसगढ़ ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप धरातल पर उतारा है। प्रदेश की भौगोलिक विविधता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में वहां की आवश्यकता और जल उपलब्धता के अनुसार जल संचयन तथा भू-जल पुनर्भरण की संरचनाएं विकसित की जा रही हैं।

राज्य का प्रयास है कि बारिश का अधिकतम पानी गांव और खेत की सीमा के भीतर ही रोका जाए। इससे न केवल भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सिंचाई, पेयजल और अन्य स्थानीय जरूरतों के लिए जल उपलब्धता को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जल संरक्षण के अपने अनुभवों, नवाचारों और सफल मॉडलों को देश के अन्य राज्यों के साथ साझा करने के लिए तैयार है।

*हर राज्य का हो अपना ‘कैच द रेन’ प्लान : मुख्यमंत्री श्री साय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन में देशभर में जल संरक्षण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य अपनी भौगोलिक परिस्थितियों, वर्षा के स्वरूप, भू-जल स्थिति और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अलग ‘कैच द रेन प्लान’ तैयार करे। इससे जल संरक्षण के लिए राज्यवार स्पष्ट लक्ष्य और रणनीति निर्धारित की जा सकेगी।

उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्टेट वाटर अवार्ड्स’ प्रारंभ करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने BISAG-N के माध्यम से जल संरचनाओं की मैपिंग की व्यवस्था को और मजबूत करने तथा अभियान की प्रगति की मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रत्येक तीन महीने में समीक्षा करने का भी सुझाव दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक, नियमित मॉनिटरिंग और जनभागीदारी – इन तीनों के समन्वय से जल संरक्षण के प्रयासों को अधिक परिणाममूलक बनाया जा सकता है।

*जल संरक्षण से खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती*

देश में 31 मई 2027 तक दो करोड़ नई जल संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस व्यापक राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी मॉडल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बारिश का पानी खेतों और गांवों में रोकने तथा उसे जमीन में पहुंचाने से भू-जल स्तर में सुधार के साथ सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है। इसका सीधा लाभ खेती को मिल सकता है और किसानों की मानसून पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

जल उपलब्धता बेहतर होने से कृषि और उससे जुड़े आजीविका के अवसरों को भी मजबूती मिल सकती है। गांवों में पेयजल स्रोतों की स्थिति बेहतर होने से परिवारों, विशेषकर महिलाओं को पानी जुटाने में लगने वाले समय और श्रम में भी कमी आ सकती है।

छत्तीसगढ़ का यह मॉडल बताता है कि जल संरक्षण केवल संरचनाओं के निर्माण का विषय नहीं है। यह सरकार, किसान, पंचायत और समाज की साझा जिम्मेदारी है। खेत का एक छोटा-सा हिस्सा पानी के लिए छोड़ने से शुरू हुई पहल भविष्य के लिए जल सुरक्षित करने के बड़े अभियान का आधार बन सकती है।

शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Posts

छत्तीसगढ़

Chattisgarh news: छत्तीसगढ़ में जाति प्रमाण पत्र घर बैठे कैसे करें आवेदन? एक Click में यहां जानें पूरा प्रोसेस

October 19, 2026
छत्तीसगढ़

Chhattisgarh samachar: छत्तीसगढ़ में कल मिलेगी दो नई रेल सेवाओं की सौगात, CM विष्णुदेव साय दिखाएंगे हरी झंडी

October 19, 2026
छत्तीसगढ़

Chhattisgarh news: छत्तीसगढ़ में अगले 15 दिनों में आएंगे 4 VIP, राष्ट्रपति मुर्मू और अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

October 18, 2026
छत्तीसगढ़

Chhatisgarh News : विशेष लेख : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में संवेदनशील शासन, पारदर्शी व्यवस्था और जनभागीदारी से मजबूत हो रहा जनता का विश्वास

October 17, 2026
छत्तीसगढ़

Today Cg News : सेवा की कहानी :मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से सरदार बसंत सिंह को मिली 62,790 की छूट

October 17, 2026
छत्तीसगढ़

Cg Currents News : मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना से युवराज और चैतराम को हर माह मिल रहा 1500 रुपए की पेंशन

October 17, 2026
Next Post

Railway: बिना टिकट में ट्रेन में सफर पड़ा भारी; एक ही दिन में 250 लोगों पर करवाई; रेलवे ने वसूला 1,42,685 रुपये का जुर्माना

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement Carousel
× Popup Image

POPULAR NEWS

टीम इंडिया से कब जुड़ेंगे विराट कोहली और रोहित शर्मा, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने को लेकर आया बड़ा अपडेट

टीम इंडिया से कब जुड़ेंगे विराट कोहली और रोहित शर्मा, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना होने को लेकर आया बड़ा अपडेट

October 8, 2025
दिल्ली के स्क्वाड की हुई घोषणा, आयुष बडोनी बने कप्तान; इस धाकड़ खिलाड़ी की अचानक हुई वापसी

दिल्ली के स्क्वाड की हुई घोषणा, आयुष बडोनी बने कप्तान; इस धाकड़ खिलाड़ी की अचानक हुई वापसी

October 10, 2025
जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

October 8, 2025
पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं से युवाओं का भविष्य हुआ सुरक्षित : मुख्यमंत्री श्री साय

पारदर्शी एवं निष्पक्ष भर्ती प्रक्रियाओं से युवाओं का भविष्य हुआ सुरक्षित : मुख्यमंत्री श्री साय

October 8, 2025
Bihar Chunav 2025: भारतीय निर्वाचन आयोग ने किया बड़ा ऐलान, अचार सहिंता में जुड़ा नया नियम!

SIR: बिहार के बाद पहले फेज में बंगाल, असम समेत इन 5 राज्य का SIR करवाएगा चुनाव आयोग…

October 11, 2025

EDITOR'S PICK

WhatsApp News: पुराने फोन यूजर्स की बढ़ेगी टेंशन! बंद होने जा रहा है WhatsApp? तुरंत चेक करें अपने मोबाइल का OS वर्जन

October 7, 2026

World Water Day: ग्राउंड वाटर का संरक्षण क्यों है जरूरी, जानिए इस वर्ल्ड वाटर डे पर

March 22, 2022
स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

स्व. रजनी दत्तात्रेय उपासने के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

December 26, 2025
उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन को एयरपोर्ट में दी गई बिदाई

उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन को एयरपोर्ट में दी गई बिदाई

November 5, 2025

About

ekaurtadka.com छत्तीसगढ़ की एक नई लेकिन दमदार हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है,
जहाँ हर खबर मिलती है थोड़े तड़के और पूरी सच्चाई के साथ।

यह प्लेटफ़ॉर्म पूरे प्रदेश और खास तौर पर रायगढ़ जिले की
शासकीय योजनाओं, स्थानीय घटनाओं, शिक्षा, रोजगार, समाज और संस्कृति से जुड़ी
हर जानकारी को तेज़ी और विश्वसनीयता से आप तक पहुँचाने का काम करता है।

Categories

  • Blog
  • JOB
  • अन्य खबर
  • ऑटोमोबाइल
  • खेल
  • गैजेट्स
  • छत्तीसगढ़
  • जॉब अलर्ट
  • टेक्नोलोजी
  • देश
  • धर्म
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • राजनीतिक
  • रायगढ़
  • राशिफल
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य

Recent Posts

  • Suryaa Teaser: सनी देओल की फिल्म ‘सूर्या’ के टीजर ने मचाया गदर, खोली मेडिकल करप्शन की पोल
  • Raigarh News : यूनिटी मेटा टोकन में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर 11.60 लाख रुपये की ठगी, रायगढ़ साइबर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • Chattisgarh news: छत्तीसगढ़ में जाति प्रमाण पत्र घर बैठे कैसे करें आवेदन? एक Click में यहां जानें पूरा प्रोसेस
  • Chhattisgarh samachar: छत्तीसगढ़ में कल मिलेगी दो नई रेल सेवाओं की सौगात, CM विष्णुदेव साय दिखाएंगे हरी झंडी

Contact us

Vikas Soni
Mobile Number 9827816009
E-mail Ekaurtadka24@gmail.com



SHOP NO 32, KRISHNA COMPLEX, Chaitanyaa Nagar, Raigarh, Chhattisgarh 496001

  • About
  • Privacy Policy
  • Contact
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक्नोलोजी
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • रायगढ़
  • राशिफल
  • स्वास्थ्य

© 2025 EK AUR TADKA

No Result
View All Result
  • Home
  • CONTACT US
  • देश
  • छत्तीसगढ़
  • रायगढ़
  • खेल
  • राशिफल
  • JOB
  • बिजनेस
  • Blog
  • अन्य खबर
  • मनोरंजन

© 2025 EK AUR TADKA

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Create New Account!

Fill the forms bellow to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In