SIM Card Alert दूरसंचार विभाग (DoT) ने धोखाधड़ी से सिम कार्ड जारी करने के मामलों पर सख्ती दिखाई है। नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। धोखाधड़ी से सिम कार्ड जारी करने, गलत इस्तेमाल करने या आईएमईआई नंबरों के साथ छेड़छाड़ करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2013 के तहत इसे अपराध माना जाएगा, 3 साल तक की जेल और 50 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है।
DoT ने बताया कि साइबर जांच में ऐसे मामले सामने आए हैं। जिसमें छत्तीसगढ़ में POS से नागरिकों की जानकारी या सहमति के बिना उनके पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके गलत तरीके से मोबाइल कनेक्शन यानी सिम एक्टिवेट किए थे। इसके बाद दूरसंचार विभाग और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर ने संबंधित पीओएस को तुरंत ब्लैक लिस्ट कर दिया। 25मोबाइल कनेक्शन की जांच इंटेलिजेंस प्लेटफार्म पर की गई, जो संदेश पाए गए उनका दोबारा वेरिफिकेशन किया गया। जिसके बाद कई नंबरों को ब्लॉक किया गया। ऐसे मामलों से नागरिकों की सुरक्षा करने के लिए सरकार ने एडवाइजरी जारी की है।
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इन बातों का रखें ख्याल
विभाग में नागरिकों को अपने नाम पर जारी सिम कार्ड को किसी और को न देने या ट्रांसफर न करने की सलाह दी है। क्योंकि अगर सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल होता है तो कानूनी जिम्मेदारी असली सब्सक्राइबर की हो सकती है। नागरिक ऐसे डिवाइस का इस्तेमाल/खरीद या असेंबल न करें, कॉन्फ़िगर या IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ किया गया है। धोखाधड़ी या गलत तरीके से सिम कार्ड लेना अपराध है। अपने नाम पर लिए गए सिम कार्ड को दूसरों को ट्रांसफर करने या बेचने की गलती न करें । दूसरा व्यक्ति इनका गलत इस्तेमाल भी कर सकता है। कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी में बदलाव के लिए मोबाइल एप्लीकेशन या वेबसाइट का इस्तेमाल न करने को भी कहा गया है। गलत नाम पर सिम कार्ड देना और बाद में उन्हें साइबर धोखाधड़ी या किसी अन्य गैर कानूनी गतिविधि में गलत इस्तेमाल करना, उधार देना/ किराए पर देने या किसी इत्यादि के लिए असली सब्सक्राइबर को कानून जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है।
बचाव के लिए DoT की सलाह
खुद को सुरक्षित करने के लिए नागरिकों को संचार साथी पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए नियमित रूप से अपने मोबाइल कनेक्शन की जांच करने की सलाह दी गई है । ताकि मोबाइल नंबरों की जांच कर पाए और जरूरत पड़ने पर इन्हें ब्लॉक भी करवाया जा सकता है। संचार साथी पोर्टल पर विभिन्न सुविधाओं के जरिए मोबाइल कनेक्शन और डिवाइस को वेरीफाई और प्रोटेक्ट कर सकते हैं। सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मोबाइल हैंडसेट के जरिए संचार साथी प्लेटफॉर्म पर चेक किया जा सकता है। इसके लिए चेक “Genuineness of Your Mobile Handset” फैसिलिटी का इस्तेमाल करना होगा। इसके अलावा मोबाइल ब्रांड का नाम, मॉडल का नाम मैन्युफैक्चरर इनफॉरमेशन इत्यादि की जानकारी भी इस पर उपलब्ध होती ह















