छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सली संगठन को एक के बाद एक बड़ा झटका लगा है। लाल आतंक से नक्सलियों का मोह धीरे-धीरे भंग हो रहा है और अब जिले में 30 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं।
लाल आतंक से नक्सलियों का मोहभंग
जानकारी के अनुसार ये नक्सली CRPF और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपना सरेंडर करेंगे। बीजापुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वे औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास योजना के तहत नए जीवन की शुरुआत करने में मदद मिलेग
: “बीजापुर नक्सली आत्मसमर्पण” की प्रक्रिया कैसे होगी?
उत्तर: आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली CRPF और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के सामने औपचारिक रूप से सरेंडर करेंगे और इसके बाद पुनर्वास योजना का लाभ उठा सकेंगे।
“बीजापुर नक्सली सरेंडर” के पीछे क्या मकसद है?
उत्तर: सरेंडर करने वाले नक्सलियों को कानूनी सुरक्षा और पुनर्वास योजना के तहत समाज में नया जीवन शुरू करने का अवसर मिलेगा, साथ ही क्षेत्र में शांति बहाल होगी।
छत्तीसगढ़ बीजापुर नक्सली आत्मसमर्पण” से इलाके में क्या असर होगा?
उत्तर: इससे नक्सली गतिविधियों में कमी आएगी और स्थानीय सुरक्षा व विकास कार्यों को बढ़ावा मिलेगा















