नवंबर का महीना खत्म होने वाला है और दिसंबर की शुरुआत के साथ ही कई बड़े वित्तीय बदलाव लागू होने वाले हैं। ये बदलाव आम लोगों की जेब, बजट और महीने की प्लानिंग पर सीधा प्रभाव डालेंगे। इनमें LPG सिलेंडर के दाम, टैक्स नियम, पेंशन से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया और फ्यूल प्राइस अपडेट शामिल हैं। आइए समझते हैं1 दिसंबर से आपकी जेब पर क्या असर पड़ सकता है।
LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव
हर महीने की तरह दिसंबर की 1 तारीख को भी तेल कंपनियाँ LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। नवंबर में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में ₹6.50 की कटौती की गई थी। रसोई गैस (Domestic LPG) की कीमत पिछले कई महीनों से स्थिर है, लेकिन दिसंबर में इसमें बदलाव की संभावना बनी हुई है। अगर बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर आपकी किचन से जुड़े खर्चों पर दिखेगा।
यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) चुनने की आखिरी तारीख
Unified Pension Scheme
सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अहम अपडेट है। NPS और UPS में से किसी एक विकल्प को चुनने की आखिरी तारीख 30 नवंबर तय की गई है। पहले ये सीमा 30 सितंबर थी, जिसे बढ़ाकर 30 नवंबर किया गया था। अगर कोई कर्मचारी समय पर विकल्प नहीं चुन पाता है, तो 1 दिसंबर के बाद यह मौका हाथ से निकल सकता है।
सीनियर सिटीजन्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की डेडलाइन
पेंशन पाने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह बेहद जरूरी अपडेट है। लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर है। आखिरी तारीख तक इसे जमा न करने पर पेंशन भुगतान रोक दिया जाएगा। इसलिए पेंशनर्स को समय रहते यह दस्तावेज जमा कर देना चाहिए।
अगर अक्टूबर में आपके ऊपर TDS कटा है, तो कुछ स्टेटमेंट्स जमा करना जरूरी है। सेक्शन 194-IA, 194-IB, 194M और 194S** के तहत स्टेटमेंट फाइल करने की आखिरी तारीख 30 नवंबर है। जिन टैक्सपेयर्स को सेक्शन 92E के तहत रिपोर्ट जमा करनी है, उन्हें भी इसी तारीख तक यह काम पूरा करना होगा। समय पर फाइल न करने पर पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है।
CNG-PNG और जेट फ्यूल
PNG और जेट फ्यूल की कीमतों में संभावित बदलाव हुआ है जैसे LPG के दाम महीने की शुरुआत में अपडेट होते हैं, वैसे ही CNG, PNG और Jet Fuel (ATF) की कीमतें भी हर महीने रिव्यू की जाती हैं। नवंबर में इनमें बदलाव देखने को मिला था। दिसंबर की शुरुआत में भी इनकी नई कीमतें जारी हो सकती हैं। इनमें बदलाव होने पर ट्रांसपोर्ट और घरेलू बजट दोनों प्रभावित हो सकते हैं।














