अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर जेलेंस्की के बीच रविवार को होने वाली मुलाकात से पहले पुतिन की सेना ने यूक्रेन के एक और शहर पर कब्जा कर लिया है। स्पूतनिक की खबर के अनुसार रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि खार्किव क्षेत्र के महत्वपूर्ण शहर कुप्यांस्क पर पश्चिमी सैन्य समूह की संयुक्त हथियारों वाली सेना 6वीं गार्ड्स ने पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। मंत्रालय के अनुसार रूसी सैनिक अपनी पकड़ बनाए हुए हैं और शहर में बचे हुए यूक्रेनी बलों की सफाई (खदेड़ने का काम) जारी रखे हुए हैं।
यूक्रेनी सेना की घुसपैठ को किया नाकाम
रूसी मंत्रालय की दैनिक ब्रीफिंग में कहा गया कि पिछले 24 घंटों में यूक्रेनी सेना ने 3 बार कुप्यांस्क में घुसपैठ का प्रयास किया, लेकिन हर बार उसकी कोशिशों को नाकाम कर दिया गया। रूसी सैनिक इमारतों और बेसमेंट्स में छिपे बिखरे हुए यूक्रेनी समूहों को खत्म कर रहे हैं। एक रूसी कंपनी कमांडर ने दावा किया कि शहर में केवल यूक्रेनी बलों के छोटे-छोटे समूह बचे हैं। कुप्यांस्क रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है, जो रेल और सड़क मार्गों का प्रमुख केंद्र है।
नवंबर से शुरू कर दिया था कब्जे का प्रयास
रूस ने नवंबर 2025 में शहर पर कब्जे का दावा किया था। इस बारे में रूसी जनरल वालेरी गेरासिमोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सूचना दी। रक्षा मंत्रालय ने 27वीं मोटर राइफल ब्रिगेड और 1486वीं मोटर राइफल रेजिमेंट को शहर की “मुक्ति” का श्रेय दिया। हालांकि, दिसंबर में स्थिति जटिल हो गई। स्वतंत्र विश्लेषकों और कुछ रूसी मिलब्लॉगर्स ने बताया कि यूक्रेनी काउंटरअटैक से रूसी बलों को झटका लगा और शहर के बड़े हिस्से पर नियंत्रण खो गया। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) की रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने शहर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में प्रगति की, कई इलाकों को मुक्त किया और रूसी सप्लाई लाइन्स काटीं। दिसंबर मध्य तक यूक्रेनी बलों ने शहर के 90% हिस्से पर नियंत्रण का दावा किया, जबकि रूसी सैनिक ओस्किल नदी के पूर्वी तट पर सीमित रहे। मगर अब अचानक रूस ने शहर पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है।
यूक्रेन ने की भीषण लड़ाई की पुष्टि
यूक्रेनी कमांड ने कुप्यांस्क शहर में सक्रिय लड़ाई की पुष्टि की है, लेकिन आधिकारिक तौर पर विस्तृत टिप्पणी नहीं की। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि रूसी दावे प्रचार का हिस्सा हैं, जबकि जमीनी हकीकत में लड़ाई जारी है।यह दावा रूस-यूक्रेन युद्ध के खार्किव फ्रंट पर बढ़ते तनाव के बीच आया है। दोनों पक्षों के दावे परस्पर विरोधी हैं, और स्वतंत्र सत्यापन मुश्किल है। शहर पर पूर्ण नियंत्रण युद्ध की दिशा को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि यह लॉजिस्टिक्स हब है। विश्लेषकों का मानना है कि रूसी मंत्रालय का नवीनतम बयान प्रचार प्रयास हो सकता है, जबकि जमीनी स्थिति में यूक्रेनी प्रगति दिख रही है। युद्ध की यह अनिश्चितता क्षेत्र में मानवीय संकट को और गहरा रही है।
















