देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से चलने वाली ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच दौड़ने को तैयार है। इसी सप्ताह जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के लोड चेक का फाइनल ट्रायल किया जाएगा। सफल ट्रायल के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा।
पानी से चलेगी ट्रेन
हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल और अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार 9 किलोग्राम पानी से 900 ग्राम हाइड्रोजन ईंधन तैयार होगा जिससे ट्रेन 1 किलोमीटर तक का सफर तय करेगी।
प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मिल चुकी है मंजूरी
जींद रेलवे स्टेशन पर स्पेन की कंपनी द्वारा हाइड्रोजन गैस उत्पादन का अत्याधुनिक प्लांट तैयार किया जा चुका है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मंजूरी मिल चुकी है।
90 किलोमीटर का होगा ट्रायल
26 जनवरी से 2 डीपीसी और 8 यात्री कोचों के साथ जींद-सोनीपत के बीच 90 किलोमीटर का ट्रायल रन किया जाएगा। ट्रायल रिपोर्ट रेलवे, आरडीएसओ और स्पेन की ग्रीन एच कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की जाएगी।
हाइड्रोजन ट्रेन की प्रमुख विशेषताएं
ट्रेन के आगे और पीछे ड्राइवर पावर कार
प्रत्येक डीपीसी में 1200 हॉर्स पावर का मोटर इंजन
फ्यूल सेल से 3750 एम्पीयर डीसी करंट का उत्पादन
ट्रेन में एसी, लाइट, पंखे हाइड्रोजन ऊर्जा से संचालित
मेट्रो की तर्ज पर डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम
दोनों ओर स्वचालित दरवाजे
देश में ग्रीन टेक्नोलॉजी का मॉडल बनकर उभरेगा
स्वास्थ्य, शिक्षा और स्मार्ट ट्रैफिक में भी बड़ा सुधार होने वाला है। हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना से जींद न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश में ग्रीन टेक्नोलॉजी का मॉडल बनकर उभरेगा। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और आधुनिक परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।














