गरियाबंद के दुतकैया गांव में दो पक्षों के बीच साम्प्रदायिक हिंसा के बाद गांव छावनी में तब्दील हो गया है। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के करीब एक दर्जन मकानों में तोड़फोड़ और आगजनी की है जिनके घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई पुलिस ने उन्हें कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले गई।
पत्थरबाजी से घायल हुए पुलिस
इस बीच पुलिस और आक्रोशित लोगों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई जिसमें करीब 5 पुलिसकर्मी घायल हुए तो वहीं आधा दर्जन ग्रामीण भी घायल हुए, जिनका उपचार अस्पताल में जारी है।
राजिम थाना क्षेत्र में आने वाला दुतकैया गांव में तनाव की स्थिति करीब 3 बजे से शुरू हुई। ग्रामीण आक्रोशित होकर सीधे दूसरे पक्ष के घरों में धावा बोल दिया और तोडफ़ोड़ के अलावा आगजनी शुरू कर दी। पुलिस ने किसी तरह दूसरे पक्ष को बचाने की कोशिश की तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस पर दूसरे पक्ष को बचाने का आरोप लगाते हुए पथराव शुरू कर दिया। पथराव के बाद पुलिस ने लाठी चलाकर स्थिति को नियंत्रण में किया। इसके बाद गांव के कई घरों के बाहर पुलिस पूरी रात पहरेदारी की ताकि कोई घर से बाहर न निकल सके।
क्या हैं पूरा मामला
बताया जा रहा है कि विवाद एक साल पुराना है। दूसरे पक्ष के कुछ युवकों ने शिव मंदिर में तोड़फोड़ की थी। उनकी गिरफ्तारी भी हुई। जेल से छूटने के बाद वे गांव के बाहर कई लोगों के साथ मारपीट और लूटपाट करते थे। शनिवार और रविवार को भी युवकों के द्वारा बेरहमी से ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष के घरों में धावा बोल दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर खुद रायपुर रेंज आईजी और संभाग कमिश्नर ने मोर्चा सम्भाला तब जाकर स्थिति नियंत्रित में हो पाई। फिलहाल पुलिस ने दूसरे पक्ष के मारपीट करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गांव में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और गांव पुलिस छावनी में तब्दील है।















