दुनिया भर में आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने भी बधाई दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षित एवं सशक्त महिलाएं एक प्रगतिशील राष्ट्र की स्तंभ हैं। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि ‘नारी शक्ति’ विविध क्षेत्रों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है और साहस के साथ नेतृत्व कर रही है जिससे अधिक समावेशी और समृद्ध समाज की नींव मजबूत होती है। वहीं पीएम मोदी ने भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा, “भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गौरव का स्रोत हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी परिवर्तनकारी भूमिका का सशक्त प्रमाण हैं।”
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर दी शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! शिक्षित और सशक्त महिलाएं प्रगतिशील राष्ट्र की आधारशिला हैं। नारी शक्ति विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त कर रही है और साहस के साथ नेतृत्व कर रही है, जिससे अधिक समावेशी और समृद्ध समाज की नींव मजबूत हो रही है। इस अवसर पर, आइए हम सब मिलकर एक ऐसे समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं जहां प्रत्येक महिला को विकास करने और गरिमा, सुरक्षा और स्वतंत्रता के साथ जीवन जीने के समान अवसर प्राप्त हों। आइए हम सब मिलकर एक ऐसा वातावरण बनाएं जहां महिलाओं की आकांक्षाएं और उपलब्धियां एक अधिक न्यायसंगत भविष्य का निर्माण करें। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, मैं हमारी सभी नारी शक्तियों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।”
पीएम मोदी ने भी दी बधाई
पीएम मोदी ने एक्स पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “हर क्षेत्र में महिलाएं दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और अद्वितीय उत्साह के साथ भारत की प्रगति को आकार दे रही हैं। उनकी उपलब्धियां हमारे राष्ट्र को प्रेरित करती हैं और एक विकसित भारत के निर्माण के हमारे सामूहिक संकल्प को मजबूत करती हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण हमारी विभिन्न योजनाओं और पहलों का मूल है। हम ऐसे अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो प्रत्येक महिला को अपनी पूर्ण क्षमता का एहसास कराने और भारत के विकास पथ में योगदान देने में सक्षम बनाएं।” उन्होंने आगे लिखा, “भारत की नारी शक्ति की उपलब्धियां गौरव का स्रोत हैं और राष्ट्र निर्माण में उनकी परिवर्तनकारी भूमिका का सशक्त प्रमाण हैं। भारत की प्रगति के साथ-साथ महिलाओं की आकांक्षाएं और योगदान एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की ओर हमारी सामूहिक यात्रा का मार्गदर्शन करते रहेंगे।”













