वित्त वर्ष 2025-26 अपने अंतिम पड़ाव पर है। 31 मार्च की डेडलाइन सिर पर है और यदि आपने अभी तक टैक्स प्लानिंग पूरी नहीं की है, तो आपके पास अपनी मेहनत की कमाई को इनकम टैक्स विभाग के पास जाने से बचाने के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं। इनकम टैक्स एक्ट 80C के तहत आप ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट पा सकते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिरी वक्त में सबसे बेहतर ऑप्शन कौन सा है? यहांं 5 ऐसे शानदार इन्वेस्टमेंट ऑप्शन्स बताए गए हैं, जो न केवल आपका टैक्स बचाएंगे, बल्कि आपके भविष्य के लिए मोटा फंड भी तैयार करेंगे।
1. इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ELSS)
अगर आप कम समय के लिए पैसा ब्लॉक करना चाहते हैं और बेहतर रिटर्न की तलाश में हैं, तो ELSS म्यूचुअल फंड सबसे अच्छा ऑप्शन है। इसका लॉक-इन पीरियड मात्र 3 साल का है। इसमें निवेश बाजार के जोखिम के अधीन है, लेकिन लंबी अवधि में यह 12% से 15% तक का औसत रिटर्न देने की क्षमता रखता है।
2. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
सुरक्षित निवेश चाहने वालों के लिए पीपीएफ आज भी पहली पसंद है। फिलहाल सरकार इस पर 7.1% सालाना ब्याज दे रही है। यह ‘EEE’ कैटेगरी में आता है, यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि टैक्स-फ्री होती है। इसका लॉक-इन पीरियड 15 साल है।
3. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)
अगर आप 80C की ₹1.5 लाख की सीमा पार कर चुके हैं, तो NPS आपको एक्स्ट्रा राहत दिला सकता है। इसमें धारा 80CCD(1B) के तहत आप ₹50,000 की एक्स्ट्रा टैक्स छूट पा सकते हैं। यह रिटायरमेंट फंड बनाने के साथ-साथ आपको इक्विटी और डेट दोनों का एक्सपोजर देता है।
4. सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
यदि आपकी बेटी की उम्र 10 वर्ष से कम है, तो यह योजना आपके लिए वरदान है। इसमें वर्तमान में इस पर 8.2% का आकर्षक ब्याज मिल रहा है। यह योजना बेटी की उच्च शिक्षा और शादी के लिए एक बड़ा फंड तैयार करने में मदद करती है और इस पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ्री है।
5. टैक्स सेविंग FD
उन लोगों के लिए जो बाजार का जोखिम नहीं लेना चाहते, बैंकों की 5 वर्षीय टैक्स सेविंग एफडी एक सरल ऑप्शन है। इसमें एकमुश्त निवेश किया जा सकता है और धारा 80C के तहत छूट मिलती है। हालांकि, इसमें मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है।
अंतिम समय के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
डेडलाइन का ध्यान रखें: 31 मार्च की शाम तक निवेश की प्रक्रिया पूरी कर लें। ऑनलाइन पेमेंट के मामले में सर्वर डाउन होने की समस्या से बचने के लिए 2-3 दिन पहले ही ट्रांजेक्शन करे.















