पश्चिम एशिया का युद्ध आज अपने 30वें दिन में प्रवेश कर गया है, लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान निकलता नहीं दिख रहा है। एक तरफ अमेरिका ईरान को बातचीत के मंच पर लाने की कोशिश में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल हमलों में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है।
अब इजरायल ने चेतावनी दी है कि वह ईरान के उन ठिकानों पर जबरदस्त हमला करने वाला है, जिन्हें वह टॉप प्रायोरिटी वाले टारगेट मानता है। इजरायल ने कहा है कि ये ठिकाने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों या हथियारों के प्रोडक्स, परमाणु कमांड औ कंट्रोल सेंटर हो सकते हैं।
लेबनान में भी हमले कर रहा इजरायल
इजरायल ने कहा है कि ये हमले बस कुछ ही दिन दूर हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता ने नादव शोशानी बताया कि ठिकानों को अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप के अंदर अलग-अलग कैटेगरी हैं – जरूरी, अहम और अतिरिक्त।
उधर इजरायल ने साउथ लेबनान में एक एंबुलेंस पर हमला कर दिया, जिसमें एक पैरामेडिक और उसका मरीज मारा गया। इजरायल का दावा है कि हिज्बुल्लाह ऑपरेशन के लिए एंबुलेंस कर्मियों का इस्तेमाल ढाल के तौर पर करता है। लेबनान ने बताया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 47 लोग मारे जा चुके हैं।
अमेरिका भी ईरान में जमीनी हमले करने की धमकी दे रहा है। ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका के जमीनी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ़ ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह संभावित बातचीत के बारे में संदेश भेज रहा है, जबकि गुपचुप तरीके से अपनी ज़मीनी सेना भेजने की योजना बना रहा है।















