इजरायल-अमेरिका और ईरान में चल रही भीषण जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के पूर्व महानिदेशक मोहम्मद अल-बरदेई ने खाड़ी देशों और संयुक्त राष्ट्र से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बड़ी अपील की है। ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के मुताबिक अल-बरदेई ने खाड़ी देशों और यूएन से कहा, “इस पागल को तत्काल किसी भी तरह पूरी ताकत लगाकर रोको, इससे पहले की वह पूरे मिडिल-ईस्ट क्षेत्र को आग के गोले में न बदल दे।”
अल-बरदेई ने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति की कड़ी निंदा
मोहम्मद अल-बरदेई ने डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति की कड़ी निंदा भी की। उन्होंने खाड़ी देशों (पर्शियन गल्फ) और संयुक्त राष्ट्र से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। अल-बरदेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अरबी भाषा में लिखा, “खाड़ी देशों के सरकारों से मेरी अपील है- कृपया, एक बार फिर अपने पूरे सामर्थ्य से ट्रंप को रोकने का प्रयास करें, इससे पहले कि यह पागल पूरे क्षेत्र को आग की गेंद में बदल दे।” एक अलग अंग्रेजी पोस्ट में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से सीधे सवाल किया, “क्या इस पागलपन को रोकने के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता?”
ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद पूर्व आईएईए चीफ ने दिया बयान
पूर्व आईएईए चीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का नया अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान इस अवधि में समझौता नहीं करता या होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता, तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। ईरान ने इस अल्टीमेटम को सिरे से खारिज कर दिया है। अल-बरदेई 1997 से 2009 तक IAEA के प्रमुख रह चुके हैं और 2005 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। वह पहले भी अमेरिका की ‘चुनिंदा युद्ध’ नीतियों की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है।
इजरायल-अमेरिका ईरान संघर्ष में हजारों लोगों की मौत
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज हो चुका है। फरवरी के अंत में शुरू हुए संयुक्त अमेरिका-इजरायल हमलों में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, वैश्विक बाजार अस्थिर हैं और शिपिंग रूट प्रभावित हो रहे हैं। दोनों पक्ष नागरिक लक्ष्यों पर हमलों का आरोप लगा रहे हैं, जिससे युद्ध अपराधों की आशंका बढ़ गई है। अल-बरदेई ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप की नीतियां जारी रहीं तो पूरा क्षेत्र ‘आग की गेंद’ में बदल सकता है। उन्होंने खाड़ी देशों से आग्रह किया कि वे राजनयिक स्तर पर सक्रिय होकर युद्ध को रोकने का प्रयास करें।














