राजधानी में ऑनलाइन और पट्टी के जरिये सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर मंजीत सिंह (32) सहित छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
मंजीत सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास, जुआ एक्ट सहित करीब दो दर्जन आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं और वह लंबे समय से सट्टा कारोबार में सक्रिय था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 9,05,238 रुपये नकद, आठ मोबाइल फोन, सट्टा पट्टी, कैलकुलेटर और अन्य सामग्री जब्त की है।
इनको किया गया गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के गोंदवारा स्थित ओवरब्रिज के नीचे कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर दो आरोपित राजा साहू और अभय साहू को रंगे हाथ पकड़ा।
दोनों आरोपितों के मोबाइल की जांच में ऑनलाइन बेटिंग साइट के जरिये सट्टा संचालित करने का राजफाश हुआ। आरोपित ‘Cribet99’ जैसी वेबसाइट के मास्टर आईडी के जरिए लोगों को सट्टा खेलने के लिए आईडी उपलब्ध कराते थे और कमीशन के रूप में मोटा मुनाफा कमा रहे थे। साथ ही कॉलिंग के जरिये सीधे क्रिकेट मैच में हार-जीत और सेशन पर दांव लगवाया जा रहा था।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन मंजीत सिंह कर रहा था। वह लंबे समय से सट्टा कारोबार में सक्रिय है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी है। पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और आकाश सिन्हा को भी गिरफ्तार किया। इनमें से रोहित मोटवानी और हरीश सकलेचा ऑनलाइन के साथ-साथ पट्टी के जरिये भी सट्टा संचालित कर रहे थे।
ऑनलाइन बेटिंग साइट्स
गिरोह के सदस्य ऑनलाइन बेटिंग साइट्स पर आईडी बनाकर ग्राहकों को बेचते थे। खिलाड़ी इन आईडी के जरिये क्रिकेट मैचों में दांव लगाते थे। हार-जीत के हिसाब से आरोपित कमीशन वसूलते थे। वहीं कुछ लोग सीधे फोन कॉल के जरिये सट्टा खिलाते थे, जिससे नेटवर्क तेजी से फैल रहा था।
गिरफ्तार आरोपितों में राजा साहू, अभय साहू, मंजीत सिंह, रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और आकाश सिन्हा शामिल हैं।













