राजधानी रायपुर की पुलिस ने चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है। यह गिरोह लग्जरी इनोवा कार में सफर करता था और भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं के गले से सोने की चेन पार कर देता था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह की मुख्य सदस्य संध्या सकटे (30) सहित सात महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है।
बुजुर्ग महिला की शिकायत पर खुला राज
इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा बाजार में 8 अप्रैल की शाम एक 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला निर्मला वर्मा शिकार बनीं। उनके बेटे तरुणेन्द्र वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि अज्ञात महिलाओं ने उनकी माता के गले से सोने की चेन उड़ा दी है। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के पास मंडराती नजर आईं। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और स्थानीय पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर घेराबंदी शुरू की।
बस स्टैंड के पास पकड़ा गया गिरोह
पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध इनोवा कार भाठागांव बस स्टैंड के पास खड़ी है। पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर वाहन को चारों ओर से घेर लिया। कार में सवार सभी आरोपी इंदौर (मध्य प्रदेश) और जलगांव (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं और आपस में रिश्तेदार हैं। शुरुआत में उन्होंने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ी पूछताछ में उन्होंने रायपुर के सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली और गोलबाजार जैसे इलाकों में की गई कई वारदातों को स्वीकार कर लिया।
चोरी की रकम से खरीदी इनोवा, कटर से करते थे वार
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में की गई चेन स्नेचिंग की रकम से ही इनोवा कार खरीदी थी ताकि वे पुलिस की नजरों से बच सकें और वारदात के बाद तेजी से फरार हो सकें। गिरोह की महिलाएं भीड़ का हिस्सा बनकर टारगेट को चारों तरफ से घेर लेती थीं और फिर धक्का-मुक्की के बीच कटर की मदद से पलक झपकते ही चेन काट लेती थीं।
जब्ती और गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपियों के पास से 10,500 रुपये नकद, एक सोने की चेन, वारदात में प्रयुक्त कटर, चार मोबाइल फोन और इनोवा कार जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में संध्या सकटे, सोनिया हातागले, साखरा बाई, ज्योति सकटे, सरिता ज्वरे, सपना हातागले, अभय हतागले (सभी इंदौर निवासी) और महाराष्ट्र की उज्वाला हातागले शामिल हैं।















