नोएडा में में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन आज उग्र हो गया है। कई कंपनियों के कर्मचारी 3 दिन से प्रोटेस्ट पर बैठे थे, सड़क जाम कर रहे थे लेकिन आज अचानक प्रदर्शन बढ़ गया। तोड़फोड़, आगजनी और बवाल की तस्वीरें सामने आने लगी। पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कई थानों की फोर्स स्पॉट पर पहुंच गई है। नोएडा फेज-2 के अलावा सेक्टर-62 समेत कई इलाकों में प्रदर्शन हुआ है।
क्यों फूट पड़ा मजदूरों का गुस्सा?
हजारों कर्मचारी आज सुबह से सड़कों पर उतरे हैं और जगह-जगह प्रोटेस्ट कर रहे हैं। प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर श्रमिकों की सैलरी करीब 10 से लेकर 13 हजार रुपये महीना है। इनका कहना है कि इतने कम पैसे में अपना पेट भरना और घर चलाना मुश्किल है। ये लोग पिछले कई दिनों से प्रोटेस्ट कर रहे हैं लेकिन आज सुबह प्रदर्शनकारियों का गुस्सा फूटा पड़ा। नोएडा फेज 2 में उन्होंने पथराव किया, कुछ गाड़ियों में आगजनी हुई है। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस तैनात है। कई थानों की पुलिस को नोएडा फेज 2 में तैनात किया गया है। आइए आपको बताते हैं आखिर मजदूरों ने ये बवाल क्यों काटा है और उनकी क्या मांगें हैं।
क्या है मजदूरों की डिमांड?
- न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाया जाए- अभी हर महीने करीब 13-14 हजार रुपये वेतन है।
- हरियाणा सरकार की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी की मांग- हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन में 35% इजाफा किया है।
- कर्मचारियों ने कंपनी से बोनस दिलाए जाने की मांग की है।
- जिन कारखाने ओवरटाइम कराने का भुगतान नहीं किया जा रहे हैं, वहां डबल भुगतान कराया जाए।
- कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ महिलाओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया जाता है।
- 8 घंटे काम करने पर भी खाने को अच्छा खाना नहीं दिया जाता है।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें 11000 कुछ रुपये प्रतिमाह वेतन के तौर पर दिया जाता है जबकि सरकार का कहना है कि कम से कम 20000 रुपये सैलरी होनी चाहिए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनी मालिक सरकार द्वारा कानून के तहत उनका वेतन नहीं बढ़ा रहे हैं।
- नोएडा प्रशासन ने मजदूरों की कई मांग मानी
- मजदूरों का दोगुना ओवरटाइम तय होगा
- मजदूरों को समय पर सैलरी मिलेगी
- मजदूरों को सुरक्षा की गारंटी मिलेगी
- समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम
- छंटनी की स्थिति में मुआवजा मिलेगा
- साप्ताहिक अवकाश भी मिलेगा
CM योगी ने लिया संज्ञान
वहीं, इस मामले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए मजदूकों को सम्मानजनक मानदेय देने के निर्देश दिए और 24 घंटे के भीतर समस्याओं के समाधान को कहा है। सीएम योगी ने भड़काऊ गतिविधियों पर भी नज़र बनाए रखने का आदेश दिया है।














