अपने छत्तीसगढ़िया कल्चर को बढ़ावा दें क्रिएटर्स: श्री भूपेश बघेल  

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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया क्रिएटर्स से की भेंट-मुलाकात

‘कका मीट क्रिएटर्स‘ में उत्साह से शामिल हुए क्रिएटर्स

रायपुर, 15 जुलाई 2023

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने शनिवार शाम सोशल मीडिया क्रिएटर्स से भेंट-मुलाकात की। राजधानी रायपुर के एक हॉटल में ‘कका मीट क्रिएटर्स‘ नाम से आयोजित कार्यक्रम में वे प्रदेशभर से आए सोशल मीडिया क्रिएटर्स से रूबरू हुए। इस दौरान सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने मुख्यमंत्री से कई रोचक सवाल भी पूछे और मुख्यमंत्री ने अपने अंदाज़ में उनके जवाब भी दिए।

 

‘कका मीट क्रिएटर्स‘ में कला-संस्कृति, मनोरंजन, खानपान, पर्यटन, बोली-भाखा, रेडियो, वाइल्ड लाइफ, एडवेंचर, सूचना, फोटो- वीडियोग्राफी सहित विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े तथा अपनी क्रिएटिविटी से खास पहचान बना चुके सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इंफ्लुएंसर और यू-टयूबर्स बड़ी संख्या में मौजूद थे तथा उनमें गजब का उत्साह था। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने टेबल-दर-टेबल क्रिएटर्स तक पहुंचकर उनसे बातचीत की। उनके सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अब सबके हाथ में मोबाइल आ गया।  सोशल मीडिया बहुत बड़ा मंच है, इसकी भूमिका रचनात्मक हो।

 

हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में दिवंगत छत्तीसगढ़ के फेमस यू-ट्यूबर देवराज पटेल को याद करते हुए मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमारे प्रदेश के सोशल मीडिया क्रिएटर्स बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। एक महिला क्रिएटर के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी काकी के साथ बहुत सी फिल्में देखी हैं। पाटन क्षेत्र के एक क्रिएटर ने अपना और अपने गांव का नाम बताया तो मुख्यमंत्री ने उनके पिता का नाम लेते हुए पूछा कि आप उनके लड़के हैं क्या। महिला सुरक्षा को लेकर वाहनों में पेनिक बटन जैसी व्यवस्था करने के लिए महिला क्रिएटर ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। घूमने के लिए छत्तीसगढ़ में पसंदीदा पर्यटन स्थल के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के लिए एक से बढ़कर एक स्थान हैं, घूमने-फिरने के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पढ़ाई में एवरेज थे। मस्ती भी बहुत करते थे। बारिश के दिनों में नाला में बाढ़ आ जाती थी, तो स्कूल नहीं जा पाते थे। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मैं सोशल मीडिया क्रिएटर होता तो खेती-किसानी पर क्रिएटिव बनाता। उन्होंने क्रिएटर्स से कहा कि वे अपने छत्तीसगढ़िया कल्चर को बढ़ावा दें। कलेवा को दिखाते हैं तो मुंह में पानी आ जाता है। एक बाल क्रिएटर ने मुख्यमंत्री से कहा कि गरीब बच्चे पहले पढ़ नहीं पाते थे, आपने ऐसा स्कूल बनवाया है जहां फ्री में एजुकेशन मिलता है। इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

1945/सौरभ