छत्तीसगढ़िया ओलिंपिक की शुरुआत आज से, खेले जाएंगे 16 पांरपरिक खेल..

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लोक संस्कृति से जुड़े छत्तीसगढ़ के पहला तिहार हरेली को बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। इस दिन किसान खेती-किसानी में उपयोग आने वाली कृषि उपकरणों की पूजा करते हैं। हरेली में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गेड़ी का आनंद लेते हैं। लोगों के लिए इस बार यह दोगुनी खुशी की बात है की हरेली के दिन से ही छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की भी शरुआत हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में शुरू की गई छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में लोग बडे़ उत्साह से भाग लेते हैं। खासकर गांवों में इसका अलग ही रौनक देखने को मिलता है।।

 

पिछले बार के ओलंपिक में पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों ने इस प्रतियोगिता में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। गांव-गांव में पारंपरिक खेलों के प्रति एक अच्छा वातावरण निर्मित हुआ। इस प्रतियोगिता के कई ऐसे क्षण देखने को मिले जो लोगों के लिए एक प्रेरणादायी बनी। शादी के बाद जो महिलाएं ससुराल चली गई थी, उनकी भी इन खेलों में बड़ी संख्या में भागीदारी रही। घरेलु काम में उलझी महिलाएं जब गेंड़ी, लंगड़ी दौड़, फुगड़ी, रस्साकसी और अन्य खेल प्रतियोगिताओं में खेलते हुए नजर आई तो लोगों ने भी उनकी खूब हौसला अफजाई की। मुख्यमंत्री की भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान भी कई ऐसे प्रतिभागी मिले जिन्होंने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत के लिए मुख्यमंत्री बघेल का आभार व्यक्त किया और इसे जारी रखने का आग्रह किया। इस साल छत्तीसगढ़िया ओलंपिक 2023-24 में एकल श्रेणी में रस्सीकूद एवं कुश्ती को भी शामिल किया गया है। इस तरह एकल एवं दलीय श्रेणी को मिलाकर कुल 16 तरह के खेल प्रतियोगिता आयोजित होंगी।

 

 

 

शारीरिक कमियां और उम्र की सीमा भी डिगा नहीं पाई हौसलों को

 

पिछले वर्ष अयोजित छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में 25 लाख से ज्यादा एवं नगरों में 01 लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी रही। इस ओलंपिक में कई ऐसे क्षण भी आए जब उम्र की बाधा भी प्रतिभागियों के उत्साह के सामने फिकी पड़ गई तो किसी की शारीरिक अक्षमता भी उनके हौसलों को डिगा नहीं पाई। फुगड़ी में रायपुर संभाग के हरदी ग्राम पंचायत की 65 वर्षीय श्रीमती आशोबाई ने 01 घण्टा 31 मिनट 58 सेकेण्ड तक फुगड़ी खेलकर 40 वर्ष से अधिक आयुवर्ग में जीत हासिल की। यह उनके जज्बे को दर्शाता है। हौसलों से भरपूर एक ऐसे ही कहानी है बस्तर जिला के ग्राम सरगीपाली की रहने वाली गुब्बारी की। जिन्होंने शारीरिक कमियों और विपरित परिस्थितियों के बावजूद पूरे दमखम के साथ इस ओलंपिक में शामिल होकर अपने आप को साबित किया। गुब्बारी की बाएं हाथ की हथेली नहीं है, इसके बावजूद उन्होंने राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर कई खेलों में भाग लिया और सामूहिक खेल कबड्डी और खो-खो में जीत भी हासिल की। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए खेलों में आगे कैरियर बनाने के रास्ते भी बना रहा है

 

 

 

 

राजीव युवा मितान क्लब से शुरू होगी प्रतियोगिता

छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक का आयोजन ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सबसे पहले राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर प्रतियोगिता 17 जुलाई से 22 जुलाई तक नॉकआउट पद्धति से होगा। वहीं दूसरा स्तर जोन है, जिसमें 8 राजीव युवा मितान क्लब को मिलाकर एक क्लब होगा। इसका आयोजन 26 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा। विकासखंड एवं नगरीय क्लस्टर स्तर पर आयोजन 7 अगस्त से 21 अगस्त तक होगा। जिला स्तर पर आयोजन 25 अगस्त से 04 सितंबर तक होगा। संभाग स्तर पर आयोजन 10 सितंबर से 20 सितंबर तक होगा और अंतिम में राज्य स्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। जिसका की आयोजन 25 सितंबर से 27 सितंबर तक होगा।

 

 

CG Olympics छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक में आयु वर्ग को तीन वर्गों में बांटा गया है। इसमें प्रथम वर्ग 18 वर्ष की आयु तक, दूसरा वर्ग 18-40 वर्ष आयु सीमा तक और तीसरा वर्ग में 40 वर्ष से अधिक उम्र के प्रतिभागी शामिल होंगे। इस प्रतियोगिता में महिला एवं पुरुष दोनों वर्ग में प्रतिभागी भाग ले सकेंगे।