मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 15 जुलाई को यू-टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से, 16 जुलाई को लोक कलाकारों से करेंगे भेंट-मुलाकात  

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का अनुसूचित जातियों
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का अनुसूचित जातियों

 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आम जनता से भेंट-मुलाकात के बाद 15 जुलाई की शाम यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर से भेंट- मुलाकात करेंगे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल 16 जुलाई को छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों के साथ भेंट-मुलाकात कर रूबरू होंगे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का मानना है कि अपने योगदान से यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के साथ-साथ हमारे छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार हमारे सुंदर और समृद्ध छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा बढ़ा रहे हैं। यह रचनात्मक का क्षेत्र है, जिन लोगों ने इस क्षेत्र को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के लिए चुना है। उनका प्रोत्साहन और उत्साहवर्धन जरूरी है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने इनके साथ अपनी भेंट-मुलाकात तय की है।

छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों की हमेशा से लोगों के बीच अच्छी खासी पैठ है। ऐसा हो भी क्यों नहीं क्योंकि छत्तीसगढ़वासियों का अपनी माटी की संस्कृति के साथ गहरा लगाव है। वहीं यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता से इसे लोकप्रिय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

गौरतलब है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, सूचनाओं के सम्प्रेषण और मनोरंजन जगत में इसकी प्रभावी भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता । छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों का छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाने में अतुलनीय योगदान रहा है। नए जमाने के चलन के साथ इन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति में रोचकता और लोगों के बीच अपना आकर्षण बनाए रखा है। जनसमुदाय को बड़ी उत्सुकता के साथ इन कलाकारों की प्रस्तुति का इंतजार रहता है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य और इसकी गौरवशाली संस्कृति को देश और दुनिया के सामने प्रभावशाली और रोचक ढंग से प्रस्तुत करने में यू टयूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के साथ छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार अपना बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं, जिसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। इनके द्वारा अपनी रचनात्मकता, सोशल नेटवर्किंग कौशल के साथ प्रभावशाली प्रस्तुति लोगों के बीच विश्वास कायम कर रही हैै। मुख्यमंत्री इन लोगों से  भेंट-मुलाकात कर अपने विचार साझा करेंगे और इनकी बातों को भी पूरी गंभीरता से सुनेंगे।

1928/सोलंकी