बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ ऐतिहासिक मामला अंतिम चरण में पहुंच गया है। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) कुछ ही देर में मानवता के खिलाफ अपराध (Crimes Against Humanity) के 5 गंभीर आरोपों पर अपना फैसला सुनाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो Sheikh Hasina Verdict में मौत की सजा तक सुनाई जा सकती है। पूरे देश में फैसले का लाइव टेलीकास्ट हो रहा है, वहीं दूसरी ओर ढाका सहित कई शहरों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
देशभर में हिंसा, 15,000 पुलिसकर्मी तैनात, ‘देखते ही गोली मारने का आदेश
फैसले से पहले ही Bangladesh Violence खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। सरकार ने हाई अलर्ट घोषित करते हुए राजधानी ढाका में 15,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की है।
पुलिस को हिंसक प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है।
शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच ढाका में दो बसों को आग के हवाले कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि Sheikh Hasina Verdict आने के बाद हिंसा और बढ़ सकती है।
शेख हसीना पर लगे 5 बड़े आरोप
आरोप नंबर 1- आरोपियों पर हत्या, हत्या की कोशिश, यातना देने का आरोप है। चार्जशीट में कहा गया है कि हसीना ने पुलिस और अवामी लीग से जुड़े हथियारबंद लोगों को आम नागरिकों पर हमला करने के लिए उकसाया। इसे बढावा दिया और हिंसा रोकने में नाकाम रहे।
आरोप नंबर 2- हसीना ने छात्र प्रदर्शनकारियों को दबाने के लिए घातक हथियार, हेलिकॉप्टर और ड्रोन इस्तेमाल करने का आदेश दिया।
आरोप नंबर 3- 16 जुलाई को बेगम रौकेया यूनिवर्सिटी के छात्र अबू सैयद की हत्या से जुड़ा है। आरोप में कहा गया है कि हसीना और अन्य ने इस हत्या के आदेश दिए, इसके लिए साजिश रची और अपराध में शामिल रहे।
आरोप नंबर 4- 5 अगस्त को ढाका के चांखारपुल में छह निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी गई। यह भी कहा गया है कि यह हत्या हसीना के सीधे आदेश, उकसावे, मदद, साजिश की वजह से हु
आरोप नंबर 5- इस आरोप में 5 प्रदर्शनकारियों को गोली मारकर हत्या करने और एक को घायल करने की बात है। आरोप है कि उन 5 मारे गए लोगों की लाशें जला दी गईं, और एक प्रदर्शनकारी को जिंदा जला दिया गया।














