1फरवरी 2026 (रविवार) को अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं. मोदी 3.0 सरकार के इस दूसरे पूर्ण बजट से मध्यम वर्ग और वेतनभोगी कर्मचारियों को काफी उम्मीदें हैं, खासकर पिछले साल टैक्स स्लैब में हुए बड़े बदलावों के बाद. इस बार बजट 2026 से टैक्सपेयर्स को काफी उम्मीदें है
इस बार हो सकते हैं ये 5 ऐलान
1 स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) में बढ़ोतरी
अभी वेतनभोगी कर्मचारियों को नई टैक्स व्यवस्था के तहत 75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, वहीं पुराने में 50000 का. बढ़ती महंगाई को देखते हुए, एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इसे बढ़ाकर 100000 रुपये किया जा सकता है.
2 टैक्स फ्री इनकम की सीमा में विस्तार
पिछले बजट (2025) में 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री (रिबेट के साथ) किया गया था. इस बार मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए सरकार सेक्शन 87A के तहत मिलने वाली छूट की सीमा को और बढ़ाकर 13 लाख से 15 लाख रुपये तक करने पर विचार कर सकती है.
3 सेक्शन 80C और 80D की सीमा में बदलाव (Old Tax Regime)
पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए सेक्शन 80C की 1.5 लाख रुपये की सीमा पिछले कई वर्षों से नहीं बदली है. उम्मीद है कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये से 2.5 लाख रुपये किया जा सकता है. साथ ही, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (80D) की सीमा भी 25000 रुपये से बढ़ाकर 50000 रुपये की जा सकती है.
4 कैपिटल गेंस टैक्स (LTCG) में राहत
निवेशकों की मांग है कि शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से होने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) पर टैक्स छूट की सीमा, जो वर्तमान में 1.25 लाख रुपये है, उसे बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये या 2 लाख रुपये किया जाए. इससे छोटे निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी.
5 NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) में अतिरिक्त लाभ
रिटायरमेंट प्लानिंग को और आकर्षक बनाने के लिए सरकार NPS के टियर-2 खातों पर टैक्स छूट दे सकती है या नियोक्ता (Employer) के योगदान पर मिलने वाली छूट की सीमा को 14% से बढ़ाकर सभी के लिए एक समान कर सकती है.















