महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक है। राज्य के 29 नगर निगमों में कल (15 जनवरी) को हुए मतदान के बाद आज 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में लगभग 3.49 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। एक ही चरण में हुए इस मतदान में मुंबई, पुणे, नागपुर और नाशिक जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 2,869 सीटों पर मुकाबला है। इस विशाल चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में 39,000 से अधिक मतदान केंद्र बनाए गए थे।
इसमें नागपुर नगर निगम की बात करें तो यहां इस बार की जंग महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच है। नागपुर नगर निगम के चुनाव में इस बार कुल 993 उम्मीदवार चुनाव मैदान हैं। इसमें 5 पुरुष और 408 महिला प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बार निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या बहुत अधिक है, कुल 236 निर्दलीय मैदान में हैं, जिनमें से कई प्रमुख पार्टियों के बागी हैं।
राज्य के दो प्रमुख गठबंधनों- महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच सीधा मुकाबला होने के बावजूद नागपुर में दलों के आपसी समीकरण अलग-अलग दिखाई दिए। महायुति की ओर से बीजेपी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने तालमेल के साथ चुनाव लड़ा है, जिसमें बीजेपी ने सबसे अधिक 143 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) को गठबंधन के तहत 8 सीटें दी गई हैं। इस तरह इन दो दलों ने मिलकर सभी 151 सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है। वहीं, महायुति का हिस्सा होने के बावजूद एनसीपी (अजीत पवार गुट) ने नागपुर में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया।
वहीं दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच नागपुर में सीटों का पूर्ण तालमेल नहीं बैठ पाया, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) अलग-अलग चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस ने लगभग सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं, जबकि एनसीपी (शरद पवार गुट) ने भी शहर की कई महत्वपूर्ण सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।














