भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की। दो दशकों से ज्यादा समय तक चली बातचीत के बाद संपन्न हुए इस समझौते को ‘अबतक का सबसे बड़ा’ समझौता कहा जा रहा है। ये लगभग दो अरब लोगों का बाजार तैयार करेगा। इस एफटीए के तहत भारत, यूरोपीय देशों से आयात की जाने वाली शराब पर वसूले जाने वाले टैक्स में बड़ी कटौती करेगा।
कितनी मिलेगी छूट
समझौते के तहत, यूरोप से आने वाली महंगी वाइन पर वसूला जाने वाला टैक्स अगले 7 सालों में 150 प्रतिशत से घटकर 20-30 प्रतिशत हो जाएगा। बीयर पर 110 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत और स्पिरिट पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा। हालांकि, 2.5 यूरो से कम की वाइन के लिए कोई रियायत नहीं होगी।
यूरोपीय संघ की प्रमुख वस्तुओं जिन्हें शुल्क रियायत मिलेगी उनमें वाहन, वाइन, स्पिरिट, बीयर, जैतून का तेल, कीवी और नाशपाती, फलों के रस, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ जैसे ब्रेड, पेस्ट्री, बिस्कुट, पास्ता, चॉकलेट, पेट फूड, भेड़ का मांस, सॉसेज और अन्य मांस उत्पाद शामिल हैं। इन वस्तुओं पर इस समय 33 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक का शुल्क लगता है।














