उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार को मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है। सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी हिंसक हो उठे। प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों और प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया गया और पत्थरबाज़ी भी हुई जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा है। इस हंगामे के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी एक्शन में आ गए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद यूपी के श्रम विभाग ने मामले में हाई लेवल कमेटी का गठन कर दिया है।
कमेटी का हुआ गठन
सीएम योगी के निर्देश के बाद श्रमिकों के हित में श्रम विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। नोएडा में औद्योगिक असामंजस्य दूर करने के लिए समिति गठित की गई है। शासन ने श्रमिकों के हित में स्टेक होल्डर्स से बात करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त होंगे। समिति में ACS सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन सदस्य के तौर पर होंगे। इसके अलावा समिति में श्रमिक संगठन के 5 व उद्यमी संघ के 3 प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं।
सीएम योगी ने क्या कहा?
आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने नोएडा में हो रहे प्रदर्शन पर भी बात की। सीएम योगी ने कहा- “यूपी में एनडीए की डबल इंजन की सरकार सुरक्षा का, सुशासन का, सेवा का, इंडस्ट्रियलाइजेशन का एक मॉडल खड़ी कर रही है। नौजवान के लिए नौकरी और रोजगार की गारंटी दे रही है। जब ये सबकुछ हो रहा है तो कुछ लोग उस शांति को समृद्धि की ओर बढ़ने से रोकने के लिए अशांति पैदा करने के लिए षडयंत्र कर रहे हैं।”
सीएम योगी ने आगे कहा- “मैं अपील करूंगा सभी औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कार्मिकों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों से भी। याद करिए कि डबल इंजन की सरकार आपके साथ कैसे खड़ी होती है। कोरोना काल में कोरोना की परवाह किए बगैर हमारी सरकार ने कार्मिकों को सबके लिए गाड़ियां उपलब्ध करवाई, उन्हें क्वारिंटाइन सेंटर में रखने की व्यवस्था करवाई, उनके लिए सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवा कर के उन्हें घर तक पहुंचाने का काम किया।”














