देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखनी शुरू कर दी हैं। इस बार सिर्फ सैलरी बढ़ाने की मांग नहीं हो रही, बल्कि पेंशन, भत्तों, प्रमोशन और पूरी वेतन व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग उठ रही है।
हाल ही में तीन बड़े कर्मचारी संगठनों NCJCM, महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन और AIDEF ने 8वें वेतन आयोग को अपने विस्तृत प्रस्ताव सौंपे हैं। माना जा रहा है कि इन सुझावों का आयोग की सिफारिशों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
न्यूनतम सैलरी ₹65,000 से ₹69,000 करने की मांग
तीनों संगठनों की सबसे बड़ी मांग न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने को लेकर है। कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन ₹65,000 से ₹69,000 प्रति माह करने की मांग रखी है। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर को 3.8 से 3.833 तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने पर जोर
इस बार कर्मचारी संगठन सिर्फ एक बार की सैलरी बढ़ोतरी नहीं चाहते, बल्कि हर साल मिलने वाले इंक्रीमेंट को भी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभी जहां वार्षिक वृद्धि 3% है, वहीं इसे बढ़ाकर 5% से 6% करने का प्रस्ताव दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए यह जरूरी हो गया है।
पेंशन सिस्टम में बड़े सुधार की मांग
पेंशनर्स संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने और पेंशन में महंगाई भत्ते (DA) को बेहतर तरीके से जोड़ने की मांग उठाई है। इसके अलावा पेंशन और नई वेतन संरचना के बीच संतुलन बनाने की भी बात कही गई है ताकि रिटायर कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान न हो।
प्रमोशन और वेतन संरचना आसान बनाने की तैयारी
NCJCM ने वेतन मैट्रिक्स को आसान और एकीकृत बनाने का सुझाव दिया है। वहीं AIDEF ने तकनीकी कर्मचारियों और रक्षा क्षेत्र के सिविल कर्मचारियों के लिए स्किल बेस्ड पे और तेज प्रमोशन सिस्टम की मांग की है। महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने 10-20-30 प्रमोशन मॉडल लागू करने का सुझाव दिया है ताकि कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन मिल सके।
HRA, TA और भत्तों में भी बढ़ोतरी की मांग
कर्मचारी संगठनों ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रैवल अलाउंस (TA) और अन्य भत्तों में भी बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है। कुछ संगठनों ने रिस्क अलाउंस को ₹10,000 से ₹15,000 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
अगले साल तक आ सकती हैं सिफारिशें
8वें वेतन आयोग की बैठकों और परामर्श का दौर अब तेज हो गया है। दिल्ली में 13 और 14 मई 2026 को महत्वपूर्ण बैठकें होने जा रही हैं। माना जा रहा है कि आयोग 2027 के मध्य तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है।














