भारतीय शेयर बाजार मोहर्रम की छुट्टी और उसके बाद शनिवार-रविवार होने की वजह से लगातार तीन दिन बंद रहा. अब बीएसई और एनएसई में कारोबार सोमवार 29 जून से फिर शुरू होगा. ऐसे में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि सप्ताह की शुरुआत बाजार मजबूती के साथ करेगा या फिर दुनिया भर के बाजारों में आई गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा.
सेंसेक्स- निफ्टी ने लगातार तीसरे सप्ताह दर्ज की बढ़त
पिछले कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीसरे हफ्ते भी बढ़त दर्ज की. निफ्टी पूरे सप्ताह में 0.18 फीसदी चढ़ा और आखिरी कारोबारी दिन 0.14 फीसदी बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ. वहीं सेंसेक्स शुक्रवार को 109 अंक यानी 0.14 फीसदी की बढ़त के साथ 77,100 पर बंद हुआ. पूरे सप्ताह में सेंसेक्स करीब 0.39 फीसदी मजबूत रहा.
बाजार में बीच-बीच में उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन निवेशकों का भरोसा बना रहा. हालांकि मिडकैप और कई छोटे शेयरों में हल्की बिकवाली भी देखने को मिली.
FII निवेश और ग्लोबल बांड यील्ड पर फोकस
इस हफ्ते बाजार के लिए संस्थागत निवेश का प्रवाह भी फोकस का एक और मुख्य एरिया रहेगा। घरेलू लिक्विडिटी बाजार को लगातार सपोर्ट दे रही है, लेकिन विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली में कमी आने या उनकी तरफ से शुद्ध खरीदारी शुरू होने से मार्केट के सेंटिमेंट को बड़ा बूस्ट मिलेगा। इससे बाजार में एक टिकाऊ रिकवरी देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही निवेशक ग्लोबल बांड यील्ड, करेंसी के ट्रेंड और इंटरनेशनल मार्केट की मूवमेंट पर भी नजर रखेंगे, जिससे कैपिटल फ्लो की फ्यूचर की दिशा का पता चल सके।
अगले हफ्ते के लिए क्या हो आपकी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी
इस हफ्ते के लिए ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी को लेकर रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च एसवीपी अजीत मिश्रा ने निवेशकों को खास सलाह दी है। उनका कहना है कि निवेशकों को इस समय मजबूत फंडामेंटल, बेहतर अर्निंग विजिबिलिटी और अपने सेक्टर में लीडरशिप पोजीशन रखने वाली कंपनियों पर ही फोकस बनाए रखना चाहिए। निवेशकों को इस समय अच्छी लिक्विडिटी वाली क्वालिटी लार्ज कैप फाइनेंशियल कंपनियों और सपोर्टिव पॉलिसी का फायदा उठाने वाले बिजनेस से प्राथमिकता देनी चाहिए।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से बाजार को मिला सहारा
कच्चे तेल की कीमतें अब ईरान और पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने से पहले वाले स्तर पर लौट आई हैं. इसके साथ होर्मुज स्ट्रेट पर हालात भी पहले से बेहतर हुए हैं. इससे भारतीय बाजार का भरोसा मजबूत हुआ है.














