राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा आपातकालीन अलर्ट सिस्टम के राष्ट्रव्यापी परीक्षण के बाद अब आंधी-बारिश के लिए भी सरकार ने अलर्ट देना शुरू कर दिया है. कई लोगों के मोबाइल फोन पर जारी एक एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट में अगले 3 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट मिला. इस दौरान फोन जोर से बज उठे. अलर्ट में बताया गया कि कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी आशंका है. मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है. यह अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है और एरिया के हिसाब से भेजे जा रहे हैं.
क्या है नया एसओएस अलर्ट सिस्टम?
सरकार की ओर से शुरू किया गया यह एसओएस अलर्ट सिस्टम एक आपातकालीन चेतावनी सेवा है, जिसके माध्यम से गंभीर मौसम या अन्य आपदा की स्थिति में सीधे मोबाइल फोन पर संदेश भेजा जाता है. यह अलर्ट सामान्य एसएमएस की तरह नहीं होता, बल्कि फोन स्क्रीन पर अलग से दिखाई देता है और इसके साथ तेज अलर्ट टोन भी सुनाई देती है. हाल ही में कई लोगों के फोन पर “एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट” नाम से चेतावनी संदेश दिखाई दिया, जिसमें अगले कुछ घंटों के दौरान खराब मौसम की जानकारी दी गई थी. इस तकनीक का उद्देश्य खतरे की स्थिति में अधिक से अधिक लोगों तक तेजी से सूचना पहुंचाना है.
आंधी-बारिश से पहले मिलेगी चेतावनी
अब मौसम विभाग की गंभीर चेतावनियां सीधे लोगों के स्मार्टफोन तक पहुंचेंगी. यदि किसी इलाके में तेज आंधी, भारी बारिश, ओलावृष्टि या बिजली गिरने का खतरा होगा, तो वहां मौजूद लोगों को पहले ही अलर्ट भेजा जाएगा. हाल में जारी एक संदेश में अगले 3 घंटों के दौरान बिजली कड़कने, तेज आंधी और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई थी, जो कुछ स्थानों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती थीं. इस तरह के अलर्ट लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने और जरूरी सावधानी बरतने के लिए अतिरिक्त समय देते हैं.
आपदा प्रबंधन में कैसे करेगा मदद?
मोबाइल आधारित वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. यह सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पर आधारित है, जिसके जरिए किसी क्षेत्र में मौजूद सभी स्मार्टफोन पर एक साथ चेतावनी संदेश भेजा जा सकता है. पहले मौसम विभाग की चेतावनियां टीवी, रेडियो या समाचार माध्यमों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब जानकारी सीधे प्रभावित लोगों तक पहुंचेगी. इससे लोग आंधी, बारिश, बाढ़, भूकंप और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से पहले सतर्क हो सकेंगे. इतना ही नहीं, युद्ध, आतंकी खतरे और अन्य राष्ट्रीय आपात स्थितियों में भी सरकार इस प्रणाली का इस्तेमाल कर सकेगी. स्मार्टफोन की व्यापक पहुंच के कारण इसे लोगों तक तेजी से सूचना पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम माना जा रहा है















