दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 15 दिनों से सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का आमरण अनशन जारी है. लेकिन अब उनकी सेहत बिगड़ने लगी है. भूख हड़ताल के 15वें दिन उनका ब्लड प्रेशर कम हो गया है और साथ ही वजन भी करीब 8 किलो कम हो गया है. सोनम वांगचुक ने बिगड़ती हालत में भी हिम्मत नहीं हारी है, वो अभी भी ज्यादा से ज्यादा लोगों से अपील कर रहे हैं कि वो प्रदर्शन का हिस्सा बनें. उन्होंने कहा कि वो किसी को अपना हीरो ना समझें, बल्कि खुद अपनी ज़िंदगी के नायक बनें.
क्यों जारी है प्रदर्शन?
वांगचुक ने कहा कि वो खुद भी महात्मा गांधी या कोई हीरो नहीं हैं, बल्कि एक आम नागरिक हैं. दरअसल, NEET पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी लगातार प्रदर्शन कर रही है. जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन का 23 दिन से जारी है. कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन को आज 15 दिन हो गए हैं, लेकिन सरकार अभी तक सोई हुई है. आपको बता दें कि सिर्फ सोनम वांगचुक ही भूख हड़ताल पर नहीं बैठे हैं, बल्कि ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (AISA) के सदस्य नेहा, मनीष, दीपक वर्मा और आमीन भी आमरण अनशन कर रहे हैं.
सोनम वांगचुक ने दिया मैसेज
सोनम वांगचुक ने एक वीडियो मैसेज के जिए कहा कि हर नागरिक को खुद में ही अपना हीरो ढूंढना चाहिए और एक नागरिक के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारियां निभानी चाहिए. वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वो सभी 20 जुलाई को संसद तक किए जाने वाले मार्च में बड़ी संख्या में उनसे जुड़ें. उन्होंने कहा कि सांसदों तक ये मैसेज ज़रूर पहुंचना चाहिए कि कैसे पेपर लीक जैसे मुद्दों के नाम पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. दरअसल, कॉकरोच जनता पार्टी लगातार ये मांग कर रही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें और जिन छात्रों ने पेपर लीक की वजह से आत्महत्या का रास्ता चुना है, उनके परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा मिलना चाहिए.














