अब से कुछ देर बाद संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हो जाएगी। इस सत्र के लिए सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी दलों दोनों ने पूरी तैयारी कर ली है। इस सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं।
एनडीए जहां इस सत्र में आयकर संशोधन, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक सहित सात अहम बिलों को पारित कराने पर रहेगा। वहीं, विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरने की पूरी रणनीति तैयार किए बैठा है।
मानसून हो या और मानसून सत्र दोनों ही लाभदायक
पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मानसून हो या और मानसून सत्र, अगर दोनों ही पॉजीटिव हो, तो बहुत ही लाभदायक होते हैं। इससे देश का कल्याण होता है, जीव मात्र का कल्याण होता है। इसलिए हम यही प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी pro active रहे और मानसून सत्र भी productive रहे।
मायावती ने मानसून सत्र के सुचारू संचालन का आग्रह किया
बसपा प्रमुख मायावती ने मानसून सत्र के प्रारंभ में संसद के सुचारू संचालन का आह्वान किया और सत्ताधारी दल एवं विपक्ष से प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने परीक्षा प्रश्नपत्रों के बार-बार लीक होने के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की, जिसमें परीक्षा प्रणाली के उच्च स्तरीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है।












